कानपुर, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली और अलीगढ़ में हिंसा को देखते हुए संवेदनशील शहर की श्रेणी में बने कानपुर में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अफवाहें और धार्मिक उन्माद न फैलने पाए इसलिए पुलिस ने सोशल साइट की निगरानी शुरू कर दी है। शहर में एहतियात के तौर पर दंगा नियंत्रण स्कीम लागू कर दी गई है। सोमवार को एसएसपी अनंत देव के नेतृत्व में पुलिस ने दंगा नियंत्रण का रिहर्सल किया।

दिल्ली में सीएए को लेकर एक बार फिर ङ्क्षहसा होने और अलीगढ़ में भी ङ्क्षहसक प्रदर्शन के चलते कानपुर पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। एसएसपी अनंतदेव ने बताया कि शहर में पहले से ही धारा 144 लागू है, जिसके तहत बिना अनुमति के एक साथ पांच लोगों का जमावड़ा प्रतिबंधित है। वहीं हाल की घटनाओं को देखते हुए शहर में दंगा नियंत्रण स्कीम को लागू कर दिया गया है।

शहर में सेक्टर व जोन में बांटकर संयुक्त रूप से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। एसएसपी ने पुलिस टीम के साथ बेकनगंज क्षेत्र में यतीमखाना से तलाक महल और मोहम्मद अली पार्क तक परेड की। अल्पसंख्यक बाहुल्य वाले क्षेत्रों में भी दंगा नियंत्रण स्कीम के तहत रिहर्सल किया गया। बाबूपुरवा, चमनगंज, हलीम कॉलेज, नई सड़क, पेंच बाग आदि क्षेत्रों में पुलिस व खुफिया सक्रिय हो गई है।

भड़काऊ पोस्ट पर नजर रख रही पुलिस

दिल्ली में ङ्क्षहसा से जुड़ी खबरों को लेकर विशेषरूप से वाट्सएप जमकर मैसेज चल रहे हैं। इसे देखते हुए एसएसपी की ओर से एक मैसेज विभिन्न ग्रुप पर डाले गए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर किसी भी ग्रुप में भ्रांति फैलाने वाले, भड़काऊ, अराजकता फैलाने वाली पोस्ट डाली गई या फारवर्ड की गई तो उसके सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वह पुलिस को सूचित करे। अगर वह ऐसा नहीं करेंगे और पुलिस को पता चला तो ग्रुप एडमिन समेत सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि सोशल साइट पर नजर रखने के लिए पांच टीमों की गठन किया गया है। यह टीमों हर वक्त विभिन्न ग्रुप व विवादित लोगों पर नजर बनाए हुए हैं।

मोहम्मद अली पार्क में धरना दे रही महिलाएं

सीएए के विरोध में प्रदर्शन के दौरान 21 दिसंबर को यतीमखाना में हुई हिंसा के बाद मोहम्मद अली पार्क में मुस्लिम महिलाओं का धरना-प्रदर्शन अनवरत जारी है। हालांकि धरना स्थल के आसपास पुलिस टीम नहीं है लेकिन दूर से पूरी तरह से निगरानी रखी जा रही है ताकि भीड़ बढऩे न पाए। फिलहाल धरना स्थल पर बीस से पच्चीस महिलाएं क्रमवार धरना दे रही है। शुरुआती समय में धरने में शाम चार बजे से आठ बजे तक महिलाएं पहुंचती थी, कुछ दिन पहले प्रशासन द्वारा धरना खत्म कराने के दबाव पर महिलाएं उग्र हो गई थीं। महिलाओं ने पार्क में 24 घंटे धरना-प्रदर्शन का एलान कर दिया था।

Posted By: Abhishek

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