कानपुर में 250 करोड़ की साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश, IIT गेट से चार ठग गिरफ्तार
कानपुर में साइबर क्राइम सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने 250 करोड़ रुपये के साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
कानपुर में 250 करोड़ रुपये के साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश।
आईआईटी गेट से चार साइबर ठगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
फर्जी आधार से म्यूल खाते खोलकर करते थे ठगी का लेनदेन।
जागरण संवाददाता, कानपुर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में साइबर क्राइम सेल, रावतपुर और कल्याणपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क का राजफाश किया है।
टीम ने गुरुवार को आईआईटी गेट से चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपित कूटरचित आधार कार्ड तैयार कर उसके आधार पर म्यूल खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से अर्जित रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि रावतपुर थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आइटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके आधार पर औरैया के विपिन और शिवप्रताप को गिरफ्तार किया गया।
जब एनसीआरपी पोर्टल पर जांच की गई तो एक ऐसा खाता सामने आया जिसमें तीन दिन के भीतर आठ करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। इस खाते को लेकर विभिन्न राज्यों में 115 शिकायतें दर्ज थी।
पूछताछ में औरैया के बिधूना निवासी राजशेखर उर्फ अजीत और कानपुर देहात के रनियां का हिमांशु गौतम का नाम सामने आया। डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में चारों ने कूटरचित आधार कार्ड तैयार कर म्यूल खाते खुलवाने और इन खातों के जरिये ऑनलाइन ठगी की रकम का लेनदेन करने की जानकारी दी है।
साइबर ठगों का मास्टर माइंड राजशेखर था जो कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से म्यूल खाते खुलवाता था। जबकि हिमांशु गौतम ने विजय नगर चौराहे पर आर्बिट बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्टर के नाम से एक ऑफिस खोला था। घटना का राजफाश करने वाली पुलिस टीम को डीसीपी ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
