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कानपुर के विकास दुबे के मृत्यु प्रमाणपत्र पर विवाद, सीएमओ ने पोस्टमार्टम पहुंचकर खंगाले अभिलेख

Published: Tue, 01 Sep 2026 03:38 PM (IST)

गैंगस्टर विकास दुबे का मृत्यु प्रमाणपत्र पिता के नाम में गलती के कारण छह साल से अटका हुआ है। हाईकोर्ट ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, कानपुर। गैंगस्टर विकास दुबे की पुलिस इनकाउंटर में मौत के छह साल बाद भी उसका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम से संबंधित दस्तावेजों और बाडी डिस्पोजल स्लिप में पिता का नाम गलत दर्ज होने के कारण प्रमाणपत्र बनने में अड़चन आ रही है। मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। न्यायालय की ओर से स्वास्थ्य विभाग से आख्या तलब किए जाने के बाद मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. हरिदत्त नेमी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और संबंधित अभिलेखों की जांच की।

सीएमओ ने सबसे पहले पोस्टमार्टम हाउस कार्यालय में पंचायतनामा रजिस्टर, संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर समेत अन्य दस्तावेज देखे। इसके बाद पोस्टमार्टम प्रभारी के साथ बंद कमरे में करीब एक घंटे तक दस्तावेजों की बारीकी से जांच-पड़ताल की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी आवश्यक जानकारी ली। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। 10 जुलाई 2020 को पुलिस इनकाउंटर में विकास दुबे की मौत हुई थी।

पोस्टमार्टम हाउस से जारी बाडी डिस्पोजल स्लिप में उसके पिता का नाम रामकुमार दुबे के स्थान पर राजकुमार दुबे दर्ज हो गया। यही गलती बाद में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने में बड़ी बाधा बन गई। विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे जब नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचीं तो दस्तावेजों में पिता का नाम गलत दर्ज होने की जानकारी हुई।

ऋचा दुबे ने नाम दुरुस्त कराने के लिए नगर निगम, पोस्टमार्टम हाउस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से भी शिकायत कर दस्तावेजों में दर्ज गलत नाम को सही कराने और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग से आख्या मांगी। न्यायालय के निर्देश के बाद सीएमओ ने मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर अभिलेखों की जांच की। निरीक्षण के दौरान वह डीप फ्रीजर रूम भी पहुंचे। उन्होंने वहां साफ-सफाई की व्यवस्था देखी और डिप फ्रीजर की क्षमता बढ़ाने के साथ वोल्टेज व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

सीएमओ डा. हरिदत्त नेमी ने बताया कि ऋचा दुबे की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग से आख्या मांगी है। इसी क्रम में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर संबंधित अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच की गई है। जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर जल्द न्यायालय में आख्या पेश की जाएगी।