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कानपुर निगम की कार्यकारिणी बैठक में हंगामा, पार्षदों ने नगर आयुक्त से कहा- आपकी काम की मानसिकता नहीं

Published: Tue, 06 Oct 2026 07:48 AM (IST)

कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में महापौर प्रमिला पांडेय और पार्षदों ने विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था के निजीकरण और ...और पढ़ें

HighLights

  1. महापौर और पार्षदों ने नगर आयुक्त को विकास कार्यों पर घेरा।

  2. सफाई व्यवस्था के निजीकरण और मंगल भवन समिति पर सवाल उठे।

  3. अगली कार्यकारिणी बैठक 7 अक्टूबर को, लिखित जवाब मांगे जाएंगे।

जागरण संवाददाता, कानपुर। नगर निगम कार्यकारिणी की सोमवार को हुई बैठक सदन की तरह ही हंगामेदार रही। विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था के निजीकरण, मंगल भवन की संचालन समिति और वार्ड सीमा से जुड़े सवालों पर महापौर व पार्षदों ने नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को घेरा तो उन्होंने बार-बार एजेंडे का हवाला देकर जवाब सीमित रखने की बात कही।

इस पर कई बार नोकझोंक हुई। महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि नगर निगम की जमीन और जनता से जुड़े किसी भी मुद्दे पर कार्यकारिणी और सदन को जानकारी दिए बिना निर्णय नहीं होने चाहिए।

महापौर ने अपर नगर आयुक्त जगदीश यादव से एक-एक प्रस्ताव पढ़कर सुनाने को कहा ताकि उस पर चर्चा हो सके। सड़क, पार्क, चौराहे और द्वार के नामकरण, धर्मशाला, क्रियाघर, शौचालय, नाला निर्माण, सीवर लाइन और लंबित विकास कार्यों से जुड़े 15 प्रस्ताव पास किए गए।

वार्ड 29 ओमपुरवा के पार्षद जितेंद्र चौरसिया ने विकास कार्यों को लेकर नगर आयुक्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि काम करने की मानसिकता नहीं है। इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यकारिणी जिस एजेंडे के लिए बुलाई गई है, वह केवल उसी में शामिल बिंदुओं का जवाब देंगे। इसको लेकर बैठक में माहौल गरमा गया।

नक्शा लेकर पहुंचे पार्षद, कब्जे का लगाया आरोप

वार्ड 76 के सपा पार्षद रजत कौशिक बाजपेई वार्ड का नक्शा लेकर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड सीमा को लेकर दो महीने पहले शिकायत और सदन में मामला उठाने के बावजूद जांच नहीं कराई गई। उन्होंने भाजपा पार्षद विकास जायसवाल पर वार्ड में कब्जे का आरोप लगाया। नगर आयुक्त ने कहा कि मामला एजेंडे में नहीं है और वह जांच अधिकारी नहीं हैं। शिकायत पर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर जवाब दिलाने का आश्वासन दिया।

सफाई के निजीकरण पर महापौर ने मांगा जवाब

निजी कंपनी को कूड़ा उठान और सफाई का काम दिए जाने पर महापौर ने आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि नगर निगम सदन और कार्यकारिणी के सामने प्रस्ताव लाए बिना सफाई व्यवस्था का निजीकरण कैसे किया जा रहा है।

नगर आयुक्त ने बताया कि नई व्यवस्था में घर-घर कूड़ा उठान, सफाई, जल छिड़काव और जागरूकता सहित कई काम कराए जाएंगे तथा नियमानुसार कंपनी का चयन किया गया है। महापौर ने इस पूरी प्रक्रिया पर दस्तावेजों के साथ जवाब मांगा है।

‘बेटे का नाम हटने का दुख नहीं, सदन को बताए बिना फैसला गलत’

मंगल भवन की संचालन समिति भंग किए जाने पर भी महापौर और नगर आयुक्त आमने-सामने रहे। नगर आयुक्त ने बताया कि एमओयू के तहत समिति में छह सदस्य थे, जिनमें अधिकारी, केआइजेसीआइ और अमित पांडेय शामिल थे।

समिति का गठन कार्यकारिणी या सदन से पूछकर नहीं किया गया था, इसलिए इसकी जानकारी देने की आवश्यकता नहीं थी। महापौर ने कहा कि मंगल भवन नगर निगम की जमीन पर बना है। ऐसे में वहां से जुड़ा कोई भी निर्णय कार्यकारिणी और सदन को विश्वास में लेकर होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मेरे बेटे अमित पांडेय का नाम हटाया गया, इसका दुख नहीं है। दुख इस बात का है कि नगर आयुक्त यह समझें कि सदन और कार्यकारिणी को बताए बिना काम नहीं कर सकते हैं।”

दिवाली से पहले खराब लाइटें ठीक करने का निर्देश

बैठक में 20 हजार खराब स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी उठा। महापौर ने दिवाली से पहले सभी लाइटें दुरुस्त कराने और जहां खंभों पर लाइट नहीं हैं, वहां नई लाइट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण में तेजी लाने को भी कहा। नगर आयुक्त ने बताया कि काम लगातार कराया जा रहा है। महापौर ने कहा कि बरसात के कारण खराब हुई सड़कों की स्थिति जल्द सुधारी जाएगी।

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अब सात अक्टूबर को फिर कार्यकारिणी

बैठक के बाद महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि सदन की बैठक स्थगित कर दी गई है। अब सात अक्टूबर को फिर कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। इसमें विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और अन्य लंबित मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। महापौर ने कहा कि सोमवार की बैठक में नगर आयुक्त हर सवाल पर एजेंडे का हवाला दे रहे थे, इसलिए अब अगली बैठक में लिखित दस्तावेजों के आधार पर बिंदुवार पूछताछ की जाएगी।

पार्षद यदि बिना एजेंडे के प्रश्न करेंगे तो मैं उसका जवाब नहीं दूंगा। महापौर के आदेश पर नगर आयुक्त कार्यकारिणी की सूचना जारी करता है, जिसमें एजेंडा तय होता है और उसी पर बात होती है। मंगल भवन का बजट तो सदन से पारित हुआ था लेकिन समिति का अनुमोदन नहीं हुआ। इन लोगों ने स्वयं छह सदस्यों की समिति बना दी, जिसको मंडलायुक्त की रिपोर्ट पर भंग कर दिया गया। कूड़े की नई व्यवस्था मैं अपनी तरफ से नहीं कर रहा हूं।
अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त