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Kanpur नगर निगम विवाद में अब विधायक की एंट्री, बोले- अम्मा बनकर रहिए, सौतेली अम्मा मत बनिए

Published: Fri, 30 Oct 2026 02:59 PM (IST)

कानपुर नगर निगम में चल रही खींचतान के बीच किदवई नगर के भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी ने महापौर प्रमिला पांडे ...और पढ़ें

HighLights

  1. विधायक महेश त्रिवेदी ने महापौर प्रमिला पांडे पर टिप्पणी की

  2. महापौर को 'असली अम्मा' बनने की सलाह दी, 'सौतेली' नहीं

  3. यह बयान नगर निगम में चल रही खींचतान से जुड़ा है

जागरण संवाददाता, कानपुर। नगर निगम में चल रही खींचतान के बीच अब भाजपा के एक और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। किदवई नगर से भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी ने महापौर प्रमिला पांडे को लेकर ऐसी टिप्पणी की है, जिसने शहर की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित उनके वीडियो में विधायक ने महापौर को अम्मा कहकर संबोधित करते हुए सलाह दी कि उन्हें सौतेली अम्मा नहीं, बल्कि असली अम्मा बनकर रहना चाहिए। उनके इस बयान को नगर निगम में चल रहे मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।

विधायक महेश त्रिवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि जब महापौर को टिकट नहीं मिला था, उससे पहले उनका काफी आना-जाना रहता था। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि यदि वह महापौर बनेंगी तो शहर की व्यवस्था को ठीक करने का काम करेंगी। उन्होंने कहा कि पूरे शहर के लोग महापौर को अम्मा कहते हैं। ऐसे में उन्हें भी इस संबोधन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।

त्रिवेदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा, "हमारी अम्मा जी से केवल एक ही बात कहना है कि आपको पूरा शहर अम्मा कहता है। इसलिए आपको सौतेली अम्मा नहीं बनना है, आपको असली अम्मा बनकर रहना चाहिए।"

विधायक की इस टिप्पणी में राजनीतिक संदेश भी छिपा नजर आया। उन्होंने सीधे तौर पर किसी विवाद का विस्तार नहीं किया, लेकिन अम्मा और सौतेली अम्मा के बीच अंतर बताकर अपनी बात जरूर रख दी। दरअसल, नगर निगम में इन दिनों चल रही खींचतान ने भाजपा के भीतर भी चर्चाओं को जन्म दिया है।

महापौर और नगर निगम से जुड़े घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे समय में महेश त्रिवेदी का बयान सामने आना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी बात किसी औपचारिक राजनीतिक बयान की तरह नहीं, बल्कि स्थानीय रिश्तों और शहर के लोगों की अपेक्षाओं का हवाला देकर रखी।

महापौर को अम्मा कहकर संबोधित करने की परंपरा को उन्होंने अपने बयान का आधार बनाया। साथ ही यह भी याद दिलाया कि महापौर पद पर पहुंचने के बाद शहर के लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं। विधायक की टिप्पणी को नगर निगम की व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।