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'मेरे बच्चे के लिए इन्हें छोड़ दीजिए', शालू के आंसुओं ने पिघलाया पति का दिल, मुलाकात के बाद सुब्रत ने कबूला गुनाह

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:31 PM (IST)

शालू के आंसुओं और बच्चे के लिए की गई अपील के बाद पति सुब्रत ने दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या का गुनाह कबूल कर लिया।

रिमांड के दौरान सुब्रत से पहली बार सामना कराने पर रोती रही शालू।

रिमांड के दौरान सुब्रत से पहली बार सामना कराने पर रोती रही शालू।

HighLights

  1. शालू की अपील के बाद सुब्रत ने हत्या का गुनाह कबूला।

  2. पुलिस जांच में शालू बेगुनाह, सुब्रत निकला मास्टरमाइंड।

  3. कर्ज और अय्याशी के कारण सुब्रत ने पिता की हत्या की।

जागरण संवाददाता, कानपुर। दवा कारोबारी हत्याकांड के बाद कस्टडी रिमांड पर बुधवार को शालू का पहली बार उसके पति सुब्रत से सामना कराया गया तो वह रो पड़ी। उसकी नजरें सुब्रत पर टिकी थी और कई सवाल पूछ रही थी, लेकिन सुब्रत उसे देखने की बजाए नजरे चुराता रहा।

शालू ने सुब्रत से उसके और बेटे श्रीजय के बारे में पूछा, लेकिन उसने सिर्फ ठीक है का जवाब ही दिया, लेकिन इसके बाद जब रात में पुलिस ने दोबारा शालू और सुब्रत को एक कमरे में 30 मिनट बातचीत करने के लिए छोड़ा तो उसके बाद निकलकर शालू ने पुलिस अधिकारी से कहा कि सर, मेरे बच्चे के लिए इन्हें जाने दीजिए। मैं तो जेल जा ही रही हूं। ये कहते हुए वह फिर से रो पड़ी।

वहीं, इन 30 मिनट की बातचीत ने सुब्रत के मन को ऐस बदला कि उसने रात ढाई बजे अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। इस हत्याकांड की इस बार की जांच में शालू बेगुनाह निकली है। मामले में पुलिस अब कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट लगाएगी।

प्राथमिक जांच में आरोपी थी शालू

पुलिस आयुक्त ने बताया कि घटना के बाद से प्राथमिक जांच में शालू आरोपित थी। इसकी वजह हत्यारोपित विशाल का शालू का नाम लेना सबसे अहम था। इसके बाद विशाल और शालू के बीच कॉल डिटेल, वाट्सएप चैट मिले, जिसमें उसके मोबाइल फोन में शुभम नाम लिखा था।

घटना वाली रात किटी पार्टी में जाने से पहले विशाल से गजरा मंगवाने, लेकिन सिक्योरिटी गार्डों के इंचार्ज मदन सिंह से उसकी आंगतुक रजिस्टर में इंट्री न करने समेत साक्ष्य मिले थे, पर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी तो इस हत्याकांड की पटकथा लिखने वाला कोई और ही लग रहा था, जिसमें सुब्रत पर शक गहराया था, लेकिन 18 दिनों में 12 से अधिक बार सुब्रत से पुलिस अलग-अलग दिनों में पूछताछ की, पर उसने खुद को इस वारदात में न होना बताया।

वह शालू को भी बेकसूर बताता रहा, पर उससे एक बार भी जेल में मिलने नहीं गया, लेकिन पुलिस कस्टडी रिमांड में पूछताछ के दौरान बुधवार को विशाल ने सुब्रत को ही हत्याकांड का मास्टर माइंड बताया। उसने कहा कि शालू कुछ नहीं जानती है। सुब्रत ने ही हत्या के बाद पकड़े जाने पर शालू का नाम लेने को कहा था।

इसके बाद जब पुलिस ने सुब्रत से पूछा कि ऐसा क्यों कि तो उसने बताया कि शालू विशाल से बात करती थी। विशाल घर भी आता था। दिनभर के काम में शालू को कुछ भी जरूरत होती तो वह विशाल को काल या मैसेज कर देती थी। इसीलिए लगा कि अगर विशाल शालू का नाम लेता है तो पुलिस को भी भरोसा हो जाएगा।फिर संपत्ति पर किसी का कोई अधिकार नहीं रहेगा। कर्ज भी चुका लेंगे और ऐश की जिंदगी भी जीएंगे।

पिता पर बहू को बैड टच का लगाया आरोप

पुलिस की जांच के दौरान सुब्रत ने बताया कि उसके पिता का चरित्र बहुत खराब था। वह गोवा जाता और जब लौटता तो महिलाओं के साथी की फोटो-वीडियो उसे दिखाता था। एक बार कार में पिता को शालू को बैड टच करते देखा था। हालांकि शालू का कहना था कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। धोखे से उनका हाथ छू गया था, लेकिन सुब्रत पिता पर काफी गुस्सा हुआ था।

वहीं, शालू को सुब्रत पर ही अन्य महिला से प्रेम प्रसंग होने का शक था। वहीं, सुब्रत की मां मैरिज कांउसलर पुनीता मिनोचा भी कारोबारी विनीत मिनोचा पर शक करती थी। इसीलिए वह ज्यादातर गाजियाबाद में अपने फ्लैट में रहती थीं।

पुलिस के अनुसार, जब सुब्रत को कई बार बुलाया गया तो उसने उसकी मां ने उसे कहा कि कुछ भी हो जाए पर मुंह न खोलना। इससे अंदेशा है कि उन्हें भी इस घटना में किसका हाथ है पहले से जानकारी हो गई थी, पर वह चुप रहकर बेटे को बचाने का प्रयास करतर रहीं।

अय्याशी, महंगे शौक और जुआ-सट्टे में हुआ कर्जदार

दवा कारोबारी विनीत मिनोचा ने अपने कारोबार को जिस मुकाम पर खड़ा किया था। उसमें उनका नाम शहर के पांच बड़े कारोबारियों में लिया जाता था। वह इस कारोबार को और बढ़ाने केे लिए सुब्रत से उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन सुब्रत की करतूतों से उन्हें निराशा मिल रही थी। सुब्रत अय्याशी, महंगे शौक, जुआ-सट्टा, नशेबाजी और अपने स्टेटस को मेंटेन रखने के लिए कर्ज लेने लगा।

क्रेडिट कार्ड का खाली हुआ तो मोबाइल के कई फाइनेंस कंपनी के एप से 25 हजार से लेकर पांच लाख तक लोन ले लिया था। उसने एक बैंक से पांच लाख रुपये, आईसीआईसीआई बैंक से 75 हजार, आरबीएल बैंक 25 हजार रुपये, पीएनबी से तीन लाख रुपये समेत विभिन्न फाइनेंस एप के जरिए लोन ले रखे थे।

रुपयों को लेकर सुब्रत बहुत परेशान रहने लगा और शालू से झगड़ा करने लगा था। इस पर शालू ने अपने पिता से उसे 14 लाख रुपये उधार दिलवा दिए थे, लेकिन उसने उन्हें वापस नहीं किए।

नींद की गोलिया खाकर आत्महत्या करना भी सोच रहा था सुब्रत

पुलिस आयुक्त ने बताया कि सुब्रत ने बताया कि लगातार पुलिस उसे बुलाकर घंटों पूछताछ करने लगी थी। उसे लग गया था कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। एक तरफ पिता की हत्या कराने और दूसरी तरफ शालू के जेल जाने के बाद से पछतावा होने लगा। रात में नींद नहीं आ रही थी। इस पर नींद की गोलियां खाने लगा। उसने यह भी कहा कि अगर गिरफ्तारी न होती तो शायद वह कुछ दिन बाद नींद की अधिक गोलियां खाकर अपनी जान दे देता।

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