कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: साजिशकर्ता बेटा सुब्रत जेल में बेचैन, अपनों ने भी मोड़ा मुंह
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की साजिश में जेल में बंद उनके बेटे सुब्रत को सुख-सुविधाओं के अभाव में ...और पढ़ें

HighLights
सुब्रत को जेल में सुख-सुविधाओं के अभाव में बेचैनी महसूस हो रही है।
पत्नी शालू की रिहाई से सुब्रत खुश, पर परिवार मिलने नहीं आया।
मां-बहन ने संभाला 50 करोड़ का कारोबार, उत्तराधिकारी तय होगा।
जागरण संवाददाता, कानपुर। दवा कारोबारी पिता की हत्या की साजिश में जेल में बंद सुब्रत अब बेचैन है। सुख-सुविधाओं में रहने की वजह से जेल की मुलाहिजा बैरक में उसे नींद नहीं आ रही है। वह गुमसुम बैठा रहता है। कुछ बंदी पूछते तो थोड़ा बहुत बात कर फिर चुप हो जाता है। हालांकि जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी शालू की रिहाई हो गई तो वह बहुत खुश हुआ, लेकिन उसके अपनों में फिलहाल उससे मुंह मोड़ लिया। उससे अब तक कोई मिलने जेल नहीं पहुंचा।
कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट में घुसकर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर को हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने विनीत के पुराने नौकर विशाल गौतम व उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। विशाल ने पुलिस को बताया था कि लखनऊ के ठाकुरगंज की निवासी बहू शालू के कहने पर हत्या की है, जिसके आधार पर पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर सात सितंबर को जेल भेजा था।
बाद में विशाल, राजकिशोर व शालू का 24 घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) लेकर पूछताछ की गई। सभी को आमने-सामने कराया गया। साक्ष्यों से पुलिस को शालू की भूमिका नहीं मिली और हत्या की साजिश में दवा कारोबारी विनीत के बेटे सुब्रत की भूमिका ही सामने आने पर उसे जेल भेजा गया।
जेल अधीक्षक राजेश पांडेय ने बताया कि अब तक सुब्रत के घर-परिवार का कोई सदस्य भी उससे मिलने नहीं आया। पहले दिन वह पूरे दिन गुमसुग रहा। किसी भी बंदी से बात नहीं की। वह बेचैन भी दिखता है। इसका कारण यह भी है कि वह सुख-सुविधाओं में पला-बड़ा हुआ है। अब जेल में उसकी रातें नहीं कट रही हैं।
पहले दिन उसने तो खाने से मना कर दिया था, लेकिन अगले दिन नाश्ते में दलिया, गुड़ और बाद में चाय पी। उसने पत्नी शालू के बारे में भी पूछा था और मिलने की इच्छा जाहिर की थी। सोमवार को शालू की जेल से रिहाई की जानकारी होने पर सुब्रत खुश दिखा था। अब वह धीरे-धीरे दूसरे बंदियों के बात कर रहा है। उसे अभी मुलाहिजा बैरक में रखा गया। 14 दिन बाद जेल नियमों के आधार पर उसकी बैरक निर्धारित की जाएगी।
जेल में बेटा, मां-बहन संभाल रही 50 करोड़ का कारोबार, 90 दिन बाद बाद तय हो सकता उत्तराधिकारी
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में साजिशकर्ता उनके बेटे सुब्रत के जेल जाने के बाद अब 50 करोड़ के कारोबार की कमान दिवंगत की पत्नी पुनीता व बेटी शुभांगी ने संभाल ली। शुभांगी शादीशुदा हैं। इससे पहले कुछ दिन सुब्रत ने कारोबार संभाला था। इस दौरान उसने मार्केट से चेकें और नकदी एकत्र की थी। बताया जा रहा है कि फर्म का नवीनीकरण 90 दिन बाद हो सकता है, जिसमें इस कारोबार का अगला उत्तराधिकारी तय होगा। वहीं, कुछ दवा व्यापारियों के अनुसार, यह बताया गया कि विनीत मिनोचा ने पहले से ही पत्नी और बेटे को भी फर्म में साझीदार बनाया हुआ था।
