कानपुर में मंगल भवन की कमेटी को भंग करने पर भड़कीं महापौर, बोलीं- शासन से करूंगी शिकायत
कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने मंगल भवन की कमेटी को बिना नगर निगम की स्वीकृति के भंग करने पर ...और पढ़ें
HighLights
महापौर ने मंगल भवन कमेटी भंग करने पर कड़ी आपत्ति जताई।
जलभराव के लिए अधिकारियों को दोषी ठहराया, तालाबों पर चिंता व्यक्त की।
शासन से शिकायत कर तालाबों के संरक्षण की मांग करेंगी महापौर।
जागरण संवाददाता, कानपुर। बृजेन्द्र स्वरूप पार्क बेनझावर में बने मंगल भवन की कमेटी गलत तरीके से भंग करने पर गुस्साई महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि बिना नगर निगम कार्यकारिणी व सदन की स्वीकृति के मंगल भवन की कमेटी भंग कर दी ये गलत है।
पत्रकारों से वार्ता करते महापौर ने बताया कि मंगल भवन में अब तक 10 शादियां हो चुकी है इसके निर्माण को लेकर उन्होंने क्या गलत किया। इसको लेकर शासन में शिकायत करेंगे।
नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष मोतीझील में पत्रकारों से वार्ता करते हुए महापौर ने कहा जल भराव को लेकर जो ठीकरा फोड़ा जा रहा है। इसके लिए महापौर दोषी नहीं है अधिकारी दफ्तरोत्से बाहर नहीं निकले अगर निकलते तो ये शहर की ये दुर्दशा न होती इस बार वो नहीं थीं अगर वो रहती है तो खुद शहर में निकल कर जल भराव का निस्तारण करती है।
जल भराव का सबसे बड़ा कारण शहर के तालाबों का गायब होना है या उन पर कब्जा होना है लगभग 312 से ज्यादा तालाबो का आता पता नहीं है कल्यानपुर के एक तालाब का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष रख चुकी है फिर भी अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी। महापौर ने कहा मंडलायुक्त और केडीए उपाध्यक्ष टीम बनकर इनको चिह्नित कराए।
जल निकासी में नाला सफाई के लिए हर साल करोड़ो रुपए खर्च होते है अगफ ये तालाब बच जायेंगे तो बरसाती पानी भी सुरक्षित हो जाएगा और नाला सफाई में खर्च होने वाला पैसा भी बचेगा।
गड्ढों के बावत उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त बताते कि गड्ढों को भरने के लिए कितना धन चाहिए तो वो 15 वे वित्त आयोग से उसको स्वीकृत करती लेकिन खुद अफसर नहीं चाहते कि गड्ढे भरे जाएं।
बागी पार्षद भटक गए है मेरे पास आते तो उनकी बात को सुनती।उनके यहां काम हुए है। उन्होंने किसी अफसरों को नहीं मना किया है कि काम न करें।
यह भी पढ़ें- कानपुर में 250 करोड़ की साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश, IIT गेट से चार ठग गिरफ्तार
