कानपुर महापौर प्रमिला पांडेय के ऑफिस से फाइलें गायब, बोलीं- संगठन के पदाधिकारी पार्षदों की पहुंचा रहे पर्ची
कानपुर महापौर प्रमिला पांडेय ने अपने कार्यालय से महत्वपूर्ण फाइलें गायब होने का आरोप लगाया है। उन्होंने भाजपा संगठन के ...और पढ़ें
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HighLights
महापौर प्रमिला पांडेय ने कार्यालय से फाइलें गायब होने का आरोप लगाया।
भाजपा संगठन के पदाधिकारियों पर पार्षदों को उकसाने का आरोप।
सदन की बैठक के दौरान हुई घटना के बाद जांच जारी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। महापौर प्रमिला पांडेय और भाजपा संगठन के पदाधिकारियों के बीच रार थमती नजर नहीं आ रही है। अब महापौर ने आफिस से जरूरी फाइलें चोरी होने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि संगठन के पदाधिकारी अब पार्षदों की पर्ची पहुंचा रहे हैं।
नगर निगम सदन की बैठक के दौरान शनिवार को महापौर कार्यालय में हुई घटना के बाद मंगलवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि उनके कार्यालय से कई फाइलें गायब हो गई हैं, जिसकी जांच करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जरूरी फाइलें मिल गई तो ठीक है नहीं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीते शनिवार को नगर निगम की सदन की बैठक हुई थी। इस दौरान भाजपा के बागी पार्षद आलोक पांडेय, पवन गुप्ता, लक्ष्मी कोरी और विकास जायसवाल ने आरोप लगाया था कि कौशलपुरी के मंडल मंत्री मनीष बाजपेई को पत्र रिसीव कराने के दौरान महापौर कार्यालय में बंधक बना लिया गया।
यही नहीं फोन छीनने समेत कई आरोप लगाए थे। मामले में मनीष बाजपेई ने संगठन में भी शिकायत की थी। अब मंगलवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि जब कमरों और अलमारियों की जांच कराई तो कई जरूरी फाइलें गायब मिली हैं।
महापौर ने कहा कि इससे पहले भी पवन गुप्ता पहली बार सदन में सिर पर कूड़ा पेटी लेकर आए थे। इसके बाद भी कार्यकारिणी में शामिल करा दिया। उन्होंने कहा कि यह सभी पार्षद मकसद से बवाल करने आए थे। यह सब सदन से किसी बड़े नेता को लाइव दिखा रहे थे। हमारे सांसद, विधायक, एमएलसी... सब आमंत्रित सदस्य हैं, सब आएं हमारे सदन में बैठें, सदन देखें।
महापौर रेस्ट रूम में बैठा था मेरा बेटा
महापौर ने बताया कि मुझे पता था कि कुछ बवाल हो सकता है। इसलिए अपने रेस्ट रूम में अपने बेटे अमित पांडेय को बैठने के लिए किया था। मुझे नहीं पता था कि भाजपा अध्यक्ष इस तरीके से बात करेंगे। मुझे नहीं पता था कि आजकल जो संगठन के पदाधिकारी बने हैं वह पार्षदों की पर्ची पहुंचा रहे हैं। महापौर ने कहा कि जब मैं, सदन में थी तो मेरे कार्यालय क्यों आए। मेरे अनुपस्थिति में मुझे फंसाने के लिए, मेरे बेटे को फंसाने के लिए, तीनों कमरे में गए थे।
