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पत्नी की अंगूठी के लिए 14 साल से इंसाफ की लड़ाई...ट्रेन से चोरी हुआ सूटकेस, कानपुर से दिल्ली राष्ट्रीय फोरम तक पहुंचा मामला

Published: Mon, 28 Sep 2026 05:58 AM (IST)

कानपुर के राघवेंद्र नारायण शुक्ला 14 साल से ट्रेन में चोरी हुए सूटकेस और पत्नी की सोने की अंगूठी के ...और पढ़ें

राघवेंद्र नारायण शुक्ला।

राघवेंद्र नारायण शुक्ला।

HighLights

  1. राघवेंद्र शुक्ला 14 साल से ट्रेन चोरी के मामले में लड़ रहे हैं

  2. पत्नी की सोने की अंगूठी सूटकेस में चोरी हुई थी, भावनात्मक जुड़ाव

  3. सभी उपभोक्ता फोरम और हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया

आशुतोष मिश्र, कानपुर। बात ट्रेन से सूटकेस चोरी तक की नहीं, अपना हक पाने की है। चोरी हुए सूटकेस में पत्नी को मायके से मिली सोने की अंगूठी भी थी। वह एक ही बात कहती थी कि मेरे जीवन की यादगार अंगूठी चली गई, इसलिए पति 14 साल से रेलवे से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

जिला उपभोक्ता फोरम में दाखिल वाद हारने के बाद रेलवे ने राज्य और राष्ट्रीय फोरम तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हर बार फैसला वादी के पक्ष में ही हुआ। इस पर रेलवे ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। वह भी खारिज हो गई। अब वादी ने फिर अपना हक मांगा है। इस पर 24 दिसंबर को सुनवाई होगी।

किदवई नगर निवासी राघवेंद्र नारायण शुक्ला रायपुर (छत्तीसगढ़) में पत्नी के भाई की शादी में शामिल होने गए थे। वे परिवार समेत 21 फरवरी को 2012 को दुर्ग-बेतवा एक्सप्रेस से लौट रहे थे। स्लीपर कोच में उनकी सीटें आरक्षित थीं। रायपुर-सतना के बीच सीट से जंजीर से बंधा उनका सूटकेस चोरी हो गया।

जीआरपी थाने में 22 फरवरी 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उन्होंने चोरी गए सामान की कीमत और हर्जाना दिलाने की मांग कर जिला उपभोक्ता फोरम (अब जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग) में 26 अप्रैल 2012 को वाद दाखिल किया। 23 फरवरी 2017 को फोरम ने चोरी गए सामान के 46886 रुपये, पांच हजार वाद व्यय और वाद दाखिल करने की तिथि से भुगतान की तारीख तक आठ प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया। रेलवे ने राज्य उपभोक्ता फोरम लखनऊ में अपील की।

फोरम ने 30 सितंबर 2019 को जिला फोरम का आदेश बरकरार रखा। अब रेलवे ने राष्ट्रीय फोरम दिल्ली में अपील की। फोरम ने 14 नवंबर 2022 को पूर्व आदेश बरकरार रखा। रेलवे दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा तो 25 फरवरी 2026 को याचिका खारिज हो गई। हाई कोर्ट कहा कि इस तरह के मामलों की सुनवाई यहां नहीं हो सकती।

26 फरवरी को वादी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में आदेश का अनुपालन कराने व 46,886 रुपये दिलाने का प्रार्थना पत्र दिया। आयोग ने 24 सितंबर को उत्तर मध्य रेलवे द्वारा स्टेशन अधीक्षक कानपुर सेंट्रल, महाप्रबंधक उत्तर-मध्य रेलवे मुख्यालय प्रयागराज और महाप्रबंधक पश्चिम रेलवे मुख्यालय जबलपुर को रिकवरी का नोटिस जारी किया है। राघवेंद्र का कहना है कि हक न मिलने तक कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।