कानपुर, जागरण संवाददाता। Kanpur Madarsa Survey प्रशासनिक अधिकारियों ने गुरुवार को गैर मान्यता प्राप्त सात मदरसों का सर्वे किया। इस दौरान मदरसों के भवन, उनमें बच्चों व शिक्षकों की संख्या व अन्य जानकारी जुटाई गई। मदरसा संचालक मौके पर आय-व्यय का ब्योरा नहीं दे पाए। उनसे एक सप्ताह में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, दो मदरसे बिना पंजीकृत सोसाइटी के चलते मिले। छह मदरसे चंदे की धनराशि से चलते मिले, जबकि एक मदरसे में फीस ली जा रही थी।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में सर्वे टीम मीरपुर छावनी स्थित मदरसा मदीनतुल उलूम पहुंची। वक्फ बोर्ड की जमीन पर वर्ष 2007 में बने इस मदरसे में 120 छात्र पढ़ रहे हैं। 110 बच्चे दूसरे विद्यालयों में भी पढ़ रहे हैं। यहां 10 बच्चे रहते भी हैं। इसकी सोसाइटी पंजीकृत नहीं है।

गड़रिया मोहाल स्थित मदरसा जामिया मिफ्ताहुल कुरआन वक्फ की भूमि पर चल रहा है। सोसाइटी द्वारा संचालित इस मदरसे में 30 छात्र पढ़ते हैं। फेथफुलगंज स्थित मदरसा जामिया मोहम्मदिया में 156 बच्चे पढ़ते हैं। वर्ष 1989 से वक्फ की जमीन पर इस मदरसे का संचालन सोसाइटी करती है।

रेलबाजार में मदरसा हिदायतुल मुस्लिमीन वक्फ की जमीन पर चल रहा है। इस मदरसे में 58 बच्चे पढ़ते हैं। यहां 100 रुपये से 500 रुपये तक प्रतिमाह फीस भी ली जाती है। बाबूपुरवा स्थित मदरसा जामेअतुल हुदा लिल बनात में 52 छात्राएं धार्मिक शिक्षा ले रही हैं।

वर्ष 2015 से वक्फ की जमीन पर इसका संचालन सोसाइटी के मध्यम से हो रहा है। सुजातगंज में वर्ष 1994 से संचालित मदरसा इस्लामिया तालीमुल कुरआन में 150 छात्र-छात्राएं पढते हैं। इसकी सोसाइटी पंजीकृत नहीं है। बेगमपुरवा में मदरसा फैजुल कुरआन में 12 बच्चे धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं। इसकी सोसाइटी भी पंजीकृत नहीं है।

Edited By: Abhishek Agnihotri