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कानपुर में चमड़ा उद्योग के लिए जमीन दिलाने के नाम पर हड़पे 35 करोड़, चेन्नई के कारोबारी ने कराया मुकदमा

Published: Wed, 19 Aug 2026 02:00 AM (GMT+05:30)

कानपुर के रमईपुर में चमड़ा उद्योग के लिए जमीन दिलाने के नाम पर करीब 300 कारोबारियों से 35 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. रमईपुर में चमड़ा उद्योग के लिए जमीन का झांसा।

  2. करीब 300 कारोबारियों से 35 करोड़ रुपये हड़पे।

  3. चेन्नई के कारोबारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज।

जागरण संवाददाता, कानपुर। रमईपुर में चमड़ा उद्योग के प्रोजेक्ट में जमीन दिलाने के नाम पर करीब 300 कारोबारियों से चार साल में 35 करोड़ हड़प लिए। मामला वर्ष 2012 से 2016 के बीच का है। इसब बीच लेदर क्लस्टर के लिए प्रस्तावित प्रोजेक्ट जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) प्रणाली पूरी न होने के चलते रद हो गया, लेकिन किसी कारोबारी के रुपये वापस नहीं किए।

प्रोजेक्ट रद होने से अनजान पीड़ित काराबारियों ने बीते साल जानकारी की तब उन्हें हकीकत पता चली। फर्जीवाड़ा सामने आने पर टेनरी संचालक से रुपये मांगे तो उन्हें इन्कार कर दिया। चेन्नई से आए पीड़ित कारोबारी ने पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई। उनके आदेश पर मंगलवार को जाजमऊ थाने में दो आरोपितों पर मुकदमा दर्ज किया गया।

चेन्नई के अन्ना सलाई नागलकेनी निवासी सरफराज अख्तर अल्फा इंपैक्स ट्रेनिंग इंडस्ट्रीज नाम से फर्म है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में जाजमऊ के सुल्तान टेनर्स के मालिक अशरफ रिजवान से संपर्क हुआ था। उसने बताया था कि रमईपुर में मेगा लेदर क्लस्टर डेवलेपमेंट उप्र. लिमिटेड का प्रोजेक्ट लग रहा है, जिसके लिए करीब 300 एकड़ जमीन खरीदी जा रही है।

उसने कहा कि जिस भी कारोबारी को उद्योग लगाना है वह तीन किस्तों में जमीन खरीद सकता है। वह तैयार हो गए और उसके कहने पर वर्ष 2012 में 11.50 लाख, 2014 में 10 लाख रुपये और तीसरी किस्ते 2016 में 15 लाख रुपये उसके बैंक खाते में जमा कर दिए।

अशरफ रिजवान और उसके साथी शाहिद आलम व अन्य लोगों ने उनकी तरह ही उन लोगों ने मोहम्मद आरफीन से भी तीन बार में 36.50 लाख रुपये समेत करीब 300 लोगों से करीब 35 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करा लिए, लेकिन उसके बाद से कोई जानकारी नहीं दी गई। बीते वर्ष उन लोगों को जानकारी हुई कि प्रोजेक्ट रद हो गया है।

इसके बाद अशरफ रिजवान से अपने रुपये मांगे तो उसने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे दी। पीड़ित ने एसीपी कैंट डॉ. प्रियंका बाजपेई और पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई।

मामला वर्ष 2012 से 2016 के बीच का है। जिस प्रोजेक्ट के लिए जमीन दिलाने की बात थी। वह प्रोजेक्ट रद होने की जानकारी आरोपित ने पीड़ितों को नहीं दी थी। इसमें जाजमऊ थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त।

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