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कानपुर के पुराने गंगा पुल पर लखनऊ से आने वाले भारी वाहनों पर लगेगी रोक, 3 महीने का डायवर्जन प्लान तैयार

Published: Fri, 11 Sep 2026 01:23 PM (IST)

जाजमऊ स्थित पुराने गंगा पुल की मरम्मत के लिए 13 सितंबर से दो दिवसीय यातायात डायवर्जन ट्रायल शुरू होगा, जिसके ...और पढ़ें

जाजमऊ स्थित पुराने गंगा पुल से निकलते वाहन। जागरण

जाजमऊ स्थित पुराने गंगा पुल से निकलते वाहन। जागरण

HighLights

  1. पुराने गंगा पुल मरम्मत हेतु 13 सितंबर से डायवर्जन ट्रायल।

  2. लखनऊ से कानपुर भारी वाहनों का प्रवेश तीन माह प्रतिबंधित।

  3. रोडवेज बसों के संचालन पर भी पड़ेगा असर, यात्री परेशान।

जागरण संवाददाता, कानपुर। जाजमऊ स्थित पुराने गंगा पुल की मरम्मत के लिए लंबे समय से अटके यातायात डायवर्जन का रास्ता अब साफ हो गया है। उन्नाव प्रशासन 13 सितंबर से दो दिन तक डायवर्जन का ट्रायल
करेगा। सफल होने के बाद पुल की मरम्मत के दौरान करीब तीन माह तक डायवर्जन प्लान लागू रहेगा।

पुल की मरम्मत का काम उन्नाव की ओर से शुरू होगा। इस दौरान लखनऊ से कानपुर आने वाले भारी वाहनों
को पुराने गंगा पुल से प्रवेश नहीं मिलेगा। कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाले वाहनों के लिए नया पुल खुला रहेगा। लोगों को जानकारी देने के लिए एनएचएआइ जगह-जगह डायवर्जन से संबंधित साइन बोर्ड लगाएगा। प्रमुख स्थानों पर वालंटियर्स की तैनाती की जाएगी।

एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि दो दिन के ट्रायल में देखा जाएगा कि लखनऊ और उन्नाव की ओर से कानपुर आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालने में कितनी दिक्कत होती है। खासकर भारी वाहनों की आवाजाही और संभावित जाम वाले स्थानों पर विशेष नजर रखी जाएगी। व्यवस्था ठीक रहने पर इसे आगामी तीन माह के लिए लागू किया जाएगा। स्थितियों के आकलन के बाद जरूरत पड़ने पर डायवर्जन व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।

बक्सर पुल होकर निकाले जाएंगे भारी वाहन
लखनऊ से कानपुर आने वाले भारी वाहनों को उन्नाव से फतेहपुर की ओर बक्सर पुल होते हुए कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर भेजने का प्रस्ताव है। दूसरा रास्ता गंगा बैराज का है लेकिन सरैया क्रासिंग का रेलवे ओवरब्रिज अभी अधूरा है। रेलवे फाटक भी करीब हर आधे घंटे में 10 से 15 मिनट तक बंद रहता है। ऐसे में भारी वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम लगना तय है।

इन रास्तों से भेजने का प्रस्ताव

  • उन्नाव से कानपुर: एनएच-31 से बक्सर मोड़, एनएच-19 के रास्ते।
  • उन्नाव से औरैया-इटावा: गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे।
  • बांदा-महोबा: एनएच-31 से लालगंज-फतेहपुर होते हुए।
  • हमीरपुर-झांसी: एनएच-31, 
बक्सर मोड़, एनएच-19, चौड़गरा, एसएच-46 और घाटमपुर होते हुए एनएच-34।

 रोडवेज बस से सफर करने वालों को होगी मुश्किल

जाजमऊ गंगा पुल बंद होने से कानपुर-लखनऊ रूट पर रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित होगा। इस मार्ग पर प्रतिदिन 700 से अधिक बसों का संचालन होता है। पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की तैयारी के बीच उन्नाव और कानपुर प्रशासन की ओर से रोडवेज बसों के लिए अभी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है।

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ऐसे में यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। विकल्प के तौर पर गंगा बैराज पुल से बसों को निकाला जा सकता है। हालांकि डायवर्जन को लेकर अंतिम फैसला उन्नाव जिला प्रशासन को करना है।

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डायवर्जन लागू होने से पहले आस-पास के जिलों और टोल प्लाजा में 50 से अधिक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके साथ ही टोल प्लाजा में पब्लिक एड्रेस सिस्टम से चालकों को डायवर्जन की जानकारी दी जाएगी। हाईवे में जानकारी देने के लिए वालिंटियर्स तैनात किए जाएंगे।

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-पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ