जागरण संवाददाता, कानपुर : जीएसटी लागू होने के बाद पहले ही वित्तीय वर्ष में कानपुर पूरे प्रदेश में टाप फाइव में है। वैट के समय जुलाई से मार्च तक नौ माह में जो राजस्व एकत्र किया गया, उसकी तुलना में जीएसटी के दौरान इन नौ माह में कानपुर के जोन एक ने 133.39 करोड़ रुपये ज्यादा एकत्र किए। हालाकि राजस्व वसूली में मुरादाबाद सबसे आगे रहा।

जीएसटी में पहला वित्तीय वर्ष कैसा रहेगा, इसे लेकर अधिकारियों और कारोबारियों दोनों के सामने सवाल था। जीएसटी से पहले के वैट के दौरान के कार्यकाल की बात करें तो जीएसटी के दौरान उससे 2,711 करोड़ रुपये ज्यादा ही राजस्व वसूली हुई है लेकिन सभी जिले इस वसूली में अपना अहम रोल नहीं निभा सके हैं। प्रदेश के 20 जोन में मात्र आठ जो ही पिछले वर्ष से बढ़कर अपनी राजस्व वसूली कर सके हैं। इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि कानपुर के दोनों जोन ने पिछले वर्ष से ज्यादा राजस्व एकत्र किया है। इसमें भी कानपुर प्रथम जोन प्रदेश में टाप फाइव की सूची में है।

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ये जोन पिछड़ गए

गाजियाबाद प्रथम, गौतमबुद्ध नगर, वाराणसी प्रथम, वाराणसी द्वितीय, इलाहाबाद, इटावा, सहारनपुर, बरेली, फैजाबाद, गोरखपुर, झासी, अलीगढ़।

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टाप फाइव जोन फीसद के हिसाब से (राशि करोड़ में)

जोन जुलाई से मार्च 16-17 जुलाई से मार्च 17-18 फीसद वृद्धि

मुरादाबाद 266.68 413.06 54.89

लखनऊ द्वितीय 1,422.79 1,844.45 29.64

मेरठ 558.18 632.53 13.32

कानपुर प्रथम 1,297.96 1,431.35 10.28

आगरा 1,122.47 1,189.29 5.95

Posted By: Jagran

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