यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कानपुर में विश्वविद्यालय के छात्र अब हिंदी भाषा में भी कर सकेंगे विज्ञान व गणित की पढ़ाई
छात्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय सीएसजेएमयू कानपुर शहर के छात्र-छात्राओं के लिए नई व्यवस्था चालू करने जा रहा है जिसके ...और पढ़ें

कानपुर, जेएनएन। छात्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय सीएसजेएमयू अब अपनी कार्य पद्धति में परिवर्तन करने जा रहा है, अब जहां अंग्रेजी भाषा पर ज्यादा फोकस किया जाता था, जब हिंदी पर उतना ही ध्यान दिया जा रहा है। अब स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी छात्रों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने जा रहा है। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। विश्वविद्यालय में नए सत्र से पहले तीन हजार से अधिक ई-बुक के जरिए छात्र छात्राएं अध्ययन कर सकेंगे। इनकी खासियत यह होगी कि विज्ञान, गणित समेत प्रोफेशनल कोर्स की कई पुस्तकें उन्हें हिंदी भाषा में उपलब्ध होंगी।
छात्र-छात्राओं को मिलेंगी ई-बुक
हिंदी में ई-बुक उपलब्ध कराए जाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई प्रकाशकों से संपर्क किया है। इस महीने हिंदी भाषा में एक हजार से अधिक पुस्तकें छात्रों के लिए विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में उपलब्ध होंगी। कुछ समय बाद सभी विषयों की ई-बुक को छात्रों को मुहैया कराई जाएंगी। वह इन्हेंं अपने घर पर रहकर अपलोड करके अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए उनका ई-कार्ड बनाया जाएगा, जिसमें छात्रों का नाम, संकाय व वर्ष फीड होगा।
बुक पढऩे का मिलेगा पासवर्ड
उन्हेंं ई-बुक पढऩे के लिए मेल आइडी व पासवर्ड प्रदान किया जाएगा, जिसके जरिए वह अपने पाठ्यक्रमों की पुस्तकें पढ़ सकेंगे। पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय में पांच हजार से अधिक छात्र छात्राएं अध्ययनत हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र छात्राएं हिंदी भाषा में पठन पाठन सुलभ महसूस करते हैं। विश्वविद्यालय में वर्तमान में आठ हजार से अधिक ई-बुक हैं।
किताबें सुना रहीं प्रश्न-उत्तद्भ
सीएसजेएमयू में नेत्र दिव्यांग छात्रों को भी पढऩे की सहूलियत मिल रही है। यहां पर उनके पढ़ाने के लिए ऐसा सॉफ्वेयर लगाया गया है, जिसके जरिए वह किताबों को सुन सकते हैं। केवल उन्हेंं किताबों को उस मशीन के ऊपर रखना होगा, जिसके बाद वह उसमें लिखे प्रश्न उत्तर व अध्याय पढऩा शुरू कर देगा। इसे यह छात्र हैडफोन के माध्यम से सुन सकते हैं।
