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कानपुर में 5600 करोड़ ठगी मामला: इखलाक के खाते में ऑनलाइन गेमिंग से 1.85 करोड़ का लेनदेन

Published: Thu, 17 Sep 2026 03:40 PM (IST)

5600 करोड़ की ठगी के मामले में फरार इखलाक हुसैन ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में आत्मसमर्पण किया, लेकिन कानूनी दांवपेंच के कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

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HighLights

  1. इखलाक हुसैन ने 5600 करोड़ ठगी मामले में आत्मसमर्पण किया।

  2. कानूनी दांवपेंच से इखलाक गिरफ्तार नहीं, नोटिस देकर छोड़ा।

  3. उसके खाते में ऑनलाइन गेमिंग से 1.85 करोड़ का लेनदेन।

जागरण संवाददाता, कानपुर। 5600 करोड़ की ठगी के मामले में फरार सेवानिवृत्त दारोगा के बेटा इखलाक हुसैन गिरोह के सरगना शाहजेब का खास साथी। उसके पांच खातों में एक खाते में सात दिन में 1.85 करोड़ रुपये आनलाइन गेमिंग के खाते से लेनदेन मिला।

उसी खाते में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी पोर्टल) में छह शिकायतें दर्ज हैं। बुधवार को उसने पुलिस आयुक्त कार्यालय में आत्मसमर्पण तो किया, लेकिन कानूनी दांवपेंच फंसने से एक बार फिर इखलाक व उसका साथी आमिर गिरफ्तार नहीं किया जा सका। गिरफ्तारी की धारा न होने पर उन्हें नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया गया।

5600 करोड़ की ठगी में जेल में बंद गिरोह का सरगना बेकनगंज निवासी शाहजेब वारिस और चमनगंज निवासी सलमान के साथी इखलाख हुसैन, मो. आरिफ, एहतेशाम हुसैन, शाहवेज इलाही, मो. मुजम्मिल, मो. अनस, अर्सलान, आमिर समेत 10 से अधिक मुख्य लोग फरार थे।

बुधवार दोपहर पुलिस आयुक्त कार्यालय में मूलरूप से प्रयागराज व वर्तमान पता सावित्री नगर निवासी सेवानिवृत्त दारोगा ताजदार का बेटे इखलाक हुसैन ने आत्म समर्पण किया था, जो सरगना का खास साथी बताया गया। वह मुरे कंपनी स्थित एक होटल को लीज पर चलाता है, जिसकी आड़ में आनलाइन गेमिंग, आनलाइन मैचों में सट्टा खेलने वालों के नेटवर्क से जुड़कर साइबर ठगी करता था।

साइबर क्राइम थाना प्रभारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि इखलाक की वाईएएम हास्पिलिटी के नाम से एक फर्म है। हालांकि वह होटल चलाता है। उसका एचडीएफसी बैंक में दो, एसबीआइ में एक, बैंक आफ बड़ौदा पटेल नगर शाखा में एक और आइसीआइसीआइ बैंक में एक खाता है।

हालांकि बैंक आफ बड़ौदा के खाते में छह एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज हैं। उसमें आनलाइन गेमिंग के खाते से 13 सितंबर 2023 से 21 सितंबर 2024 तक 92.50 लाख रुपये आए और उतने ही रुपये निकल गए।उस समय भी चकेरी पुलिस ने उसे उठाया था, लेकिन गिरफ्तार करने की बजाए छोड़ दिया था।

उन खातों में रकम कहां से आई और किन-किन लोगों को भेजी गई। इसका ब्योरा बैंक से मांगा गया है। इसके साथ ही इखलाक से भी इस बारे में पूछा गया है। गिरोह के सरगना शाहजेब और सलमान और आरिफ जिस मुकदमे में की विवेचना में इखलाक का नाम प्रकाश में आया, लेकिन अब तक की जांच में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और आइटी एक्ट की धारा लग रही है, जिसे विवेचना में जोड़ा गया है।

इन धाराओं में गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। वहीं, आमिर के एचडीएफसी बैंक में तीन खाते हैं। उसके खाते का ब्योरा मांगा गया है। दोनों को नोटिस तामील करा छोड़ दिया गया। उन्हें सभी दस्तावेजों के साथ शुक्रवार को फिर बुलाया गया है।

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