Kanpur 5600 Cr Cyber Fraud Case: इखलाक का पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आत्मसमर्पण, निशानदेही पर एक और आरोपित आमिर गिरफ्तार
कानपुर में 18 राज्यों और विदेश से जुड़े 5600 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने इखलाक ...और पढ़ें

इखलाक, शाहजेब, और सलमान। सौजन्य पुलिस
HighLights
कानपुर में 5600 करोड़ की साइबर ठगी का मामला
इखलाक और आमिर को पुलिस ने किया गिरफ्तार
गिरोह 77 फर्जी फर्मों से मनी लॉन्ड्रिंग, जीएसटी चोरी करता था
जागरण संवाददाता, कानपुर। 18 राज्यों व विदेश के लोगों से 5600 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर टीम ने दो और आरोपित इखलाक व आमिर को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को इखलाक ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में आत्मसमर्पण किया, जबकि उसकी निशानदेही पर एक और आरोपित आमिर को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आत्मसमर्पण के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी गई कि इखलाक पर एक लाख का इनाम घोषित था।
इससे पहले गिरोह का सरगना शाहजेब और सलमान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस गिरोह ने कानपुर, उन्नाव में 77 फर्में बनाई, जिनके जरिए ठगी की रकम को घुमकाकर मनी लांड्रिंग, जीएसटी से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) चोरी व हवाला में रकम घुमाने का काम करता है। साइबर टीम सभी फर्मों का सत्यापन कर खातों से रकम किन-किन लोगों को ट्रांसफर की गई। इसका ब्योरा बैंक से मांग नेटवर्क का पता लगा रही है।
साइबर क्राइम टीम ने 5600 करोड़ की साइबर ठगी व आईटीसी चोरी करने वाले गिरोह के सरगना बेकनगंज निवासी शाहजेब वारिस को साइबर अीम हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर शुक्रवार रात शहर लाई थी। उसकी निशानदेही पर साथी चमनगंज निवासी सलमान को पकड़ा था। साइबर टीम के एसआइ रवि शंकर ने बताया कि शाहजेब शहर के एक होटल में सीए के अधीन अकाउंटें था, जबकि सलमान का घर पर ही मेडिकल स्टोर है।
जांच में पुलिस को नौ खाते ऐसे मिले, जिनमें 1600 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन हुआ। ये खाते आइसीआइसीआइ, एसडीएफसी, एसबीआइ, बैंक आफ बड़ौदा समेत 14 प्रमुख बैंकों में खोले गए थे। गिरोह में सरगना का 14 प्रमुख साथियों का गिरोह है, जिन लोगों की अब तक 77 फर्में होने की जानकारी हुई, जिनके खातों में ही 5600 करोड़ का लेनदेन मिला।
गिरोह के फरार आरिफ की लोकेशन मुंबई और सावित्री नगर निवासी सेवानिवृत्त दारोगा ताजदार के बेटे इखलाक हुसैन की लोकेशन नेपाल मिली थी। बुधवार को इखलाक ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में आत्मसमर्पण किया, जबकि उसकी निशानदेही पर एक और आरोपित अमिर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित मो. आरिफ, एहतेशाम हुसैन, शाहजेब इलाही, मो. मुज्ज्मिल समेत समेत अभी फरार हैं।
आमिर से पूछताछ के बाद पुलिस को 19 नए खातों की जानकारी मिली। आमिर ने बताया कि गिरोह अथर और रिट फैशन के नाम पर कई खाते होने, जो अभी भी चालू होने की जानकारी दी। इस फर्म के खाते में आठ पैन कार्ड और पांच मोबाइल नंबर इस्तेमाल किये गए।एक पैन पर छह क्लस्टर अकाउंट बनाये गए। एचडीएफसी, आइसडीबीआइ, एक्सिस बैंक में 19 खाते हैं। इखलाक होटल लीज पर लेकर चलाता है। उसकी भी जीएसटी फर्म है। इखलाक ने कहा उसे आमिर ठगी के गिरोह में लाया, जबकि आमिर ने बताया कि शाहजेब फर्जी फर्में व खाते खुलवाता था।
इखलाक मूलरूप से प्रयागराज का रहने वाला है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि इखलाक के एसबीआइ में 1.09 करोड़, बैंक आफ बड़ौदा के खाते में 1.84 करोड़, एचडीएफसी में 1.10 करोड़ व आइसीआइसीआइ में 3.50 करोड़ के लेनदेन 2024 से अब तक मिले। पुलिस की जांच में सामने आया कि आमिर के पास डीएलएफ में एक फ्लैट और थार है। वह रौब झाड़ने के लिए बाउंसर साथ लेकर चलता था।
