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कानपुर में गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबे पांच लोग, पिता समेत तीन बेटियों की मौत

Published: Sun, 06 Sep 2026 01:05 PM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 01:25 PM (IST)

कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में एक कच्चा मकान गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना ...और पढ़ें

HighLights

  1. कानपुर के हिरनी गांव में कच्चा मकान ढहा

  2. हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत

  3. एक युवती गंभीर रूप से घायल, अस्पताल रेफर

जागरण संवाददाता, कानपुर। साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार सुबह करीब 10 बजे उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय मकान के ऊपर बने कमरे में एक ही परिवार के पांच लोग मौजूद थे। छत और दीवारों का मलबा गिरने से पांचों उसके नीचे दब गए।

ग्रामीणों ने फावड़े से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला एम्बुलेंस और डायल 112 के जरिए पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। डाक्टरों ने पिता समेत तीन बेटियों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक बेटी की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया।

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मृतकों की पहचान हिरनी गांव निवासी मुकेश सिंह (45) और उनकी बेटियों माया (16), नीतू (12) और पल्लवी (7) के रूप में हुई है। हादसे में मुकेश की बड़ी बेटी काजल (19) गंभीर रूप से घायल हुई है। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे कानपुर एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया।

मुकेश की पत्नी रामप्यारी का करीब पांच साल पहले निधन हो चुका। प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हुई थी। गांव में मुकेश का दो मंजिल का घर गारा से जुड़ी पक्की ईंटों से बना था। करीब 70 वर्ग गज में बने घर की छतें कच्ची थीं। नीचे भूसा व लकड़ी आदि सामान भरा था और छत पर बने कमरे में पूरा परिवार रहता था।

चाय पीते समय काल बनकर गिरी छत

सुबह चारा काटने के बाद मुकेश अपनी बेटियों के साथ ऊपर बने कमरे में चाय पीने पहुंचे थे। बेटियां लकड़ी के तख्त पर बैठी थीं और परिवार चाय पी रहा था। इसी दौरान बड़ी बेटी काजल आटा गूथकर खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। तभी अचानक कच्ची छत भरभराकर नीचे आ गिरी। देखते ही देखते परिवार के पांचों सदस्य मलबे में दब गए।

सीएचसी में शव रखकर परिवार के लोग कर रहे हंगामा

चार लोगों की मौत की सूचना मिलते ही स्वजन और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने सीएचसी परिसर में शव रखकर हंगामा किया और अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्वजन का आरोप था कि उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लापरवाही हुई। उन्होंने मृतक परिवार को मुआवजा देने के साथ परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई। हंगामे की सूचना पर एसडीएम घाटमपुर अविचल प्रताप सिंह और एसीपी केके यादव पुलिस बल के साथ सीएचसी पहुंचे।

कार्रवाई का भरोसा

अधिकारियों ने स्वजन से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन से कार्रवाई और मुआवजे का कोई आश्वासन नहीं मिलने पर स्वजन पोस्टमार्टम के लिए शव नहीं भेज रहें हैं।

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