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कानपुर में स्वाइन फ्लू के 4 व डेंगू के 2 नए संक्रमित मिले, स्वजनों की हुई सैंपलिंग

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:08 PM (IST)

कानपुर में स्वाइन फ्लू और डेंगू के नए मामले सामने आए हैं, जिसमें बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हुए हैं। स्वास्थ्य ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कानपुर में स्वाइन फ्लू और डेंगू के नए मामले मिले

  2. कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे-बुजुर्ग अधिक प्रभावित

  3. स्वास्थ्य विभाग ने जांच और बचाव के उपाय तेज किए

जागरण संवाददाता, कानपुर। स्वाइन फ्लू (एच-1 एन-1) की चपेट में कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्ग व बच्चे आ रहे हैं। पिछले सप्ताह सामने आए ज्यादातर मामलों में संक्रमण की चपेट में बच्चे व बुजुर्ग ही आए।

मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में ग्वालटोली के आठ व नौबस्ता के 11 साल के बच्चे में हुई डेंगु की पुष्टि होने के बाद संचारी व मलेरिया विभाग की टीम अलर्ट हो गई और जांच के लिए मौके पर पहुंची। दूसरी ओर 70 साल की महिला, 83, 75 और 64 वर्ष के बुजुर्गों में मिला स्वाइन फ्लू की पुष्टि ने खतरे को बढ़ा दिया है।


डिप्टी सीएमओ डा. राजेश्वर सिंह ने बताया कि जनवरी से अभी तक जनपद में 94 मामलों में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्क्रब टायफस के 11, मलेरिया के 14 व स्वाइन फ्लू के 38 केस सामने आ चुके हैं। जिन क्षेत्रों में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं, वहां पर मलेरिया विभाग की टीम को भेजकर लार्वा की जांच कराई जा रही है।

अभी तक जहां-जहां डेंगू की पुष्टि हुई है, वहां रहने वालों के घरों में टीम भेजकर लार्वा को नष्ट किया जा रहा है। स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने वाले मरीजों के घर पर टीम भेजकर बुखार, जुकाम व वायरल से ग्रसित स्वजन की भी सैंपलिंग कराई जा रही है। ताकि स्वाइन फ्लू का प्रसार तेजी से न हो सके।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़ में जाने से बचने की हिदायत दी है। अस्पताल में जाने वाले मरीजों को मास्क व बुजुर्ग व बच्चों को बुखार, खांसी, जुकाम वालों से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालों खतरा ज्यादा

बच्चों व बुजुर्ग की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इस कारण ही वे एच-1 एन-1 वायरस को पहचानने व उससे लड़ने में असमर्थ होते हैं। एलएलआर, उर्सुला व कांशीराम चिकित्सालय की ओपीडी में 50 साल से अधिक व 10 साल से कम उम्र के बच्चों में स्वाइन फ्लू के लक्षण खांसी, बुखार, जुकाम व छींक की समस्या अधिक मिल रही है।