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कानपुर गंगा बैराज पुल में धंसा डिवाइडर का पत्थर, सीधे गंगा नदी में गिरने का खतरा

Published: Fri, 18 Sep 2026 09:59 PM (IST)

कानपुर के गंगा बैराज पुल पर डिवाइडर के पत्थर टूटने और फुटपाथ पर खंभा पड़े होने से पैदल चलने वालों, ...और पढ़ें

गंगा बैराज पुल के डिवाइडर की फर्श टूटने के बाद नजर आता गड्ढा। जागरण

गंगा बैराज पुल के डिवाइडर की फर्श टूटने के बाद नजर आता गड्ढा। जागरण

HighLights

  1. गंगा बैराज पुल पर डिवाइडर के पत्थर टूटे, खतरा बढ़ा

  2. फुटपाथ पर पड़ा खंभा, पैदल चलने में हो रही दिक्कत

  3. सिंचाई विभाग करेगा जांच और मरम्मत, सुरक्षा सुनिश्चित

जागरण संवाददाता, कानपुर। गंगा बैराज पुल में बनाने डिवाइडर पर लगे कई पत्थर टूटने लगे है। कई जगह पत्थर टूट गया है और उखड़ने की स्थिति में है। टूटे पत्थर से नीचे सीधे गंगा दिखाई देती है। ऐसे पैदल रास्ता पार करने के समय लोगो के फंसने का खतरा है। खास तौर पर छोटे बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है।

वहीं पुल के फुटपाथ पर खंभा पड़ा हुआ है इसके चलते लोगो को चलने में दिक्कत होती है। गंगा बैराज में टहलने और पिकनिक बनाने रोज हजारों लोग आते है। अगर समय रहते इसका निस्तारण नहीं कराया गया तो कभी भी कोई हादसा हो सकता है।

बैराज से उन्नाव जाने वाली तरफ पुल के बीच में दो जगह पत्थर टूट है। उखड़ने लगा है। कई जगह चटक रहा है। डिवाइडर पर लाइटें लगी है। वाहनों के दूसरी तरफ न जाने के लिए पुल के बीच में डिवाइडर बनाया गया है। बैराज में टहलने आई रूची कश्यप, गोलू बाजपेयी, अंकुर त्रिवेदी ने बताया कि बैराज के पुल में डिवाइडर पर लगा पत्थर टूट गया है। खंभा भी पुल पर रखा है।

इसके कारण लोगो को निकलने में दिक्कत हो रही है। इसको ठीक कराया जाए। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पंकज गौतम ने बताया कि टीम भेजकर शनिवार को चेक कराएगे। पत्थर उखड़ा है या टूट गया है उसको बदला जाएगा। साथ ही पुल पर पड़ा खंभा भी हटवाया जाएगा।

इधर, नौबस्ता के द्विवेदी नगर स्थित अंध बालिका विद्यालय के दोनों रास्ते हैं बदहाल

नौबस्ता के द्विवेदी नगर स्थित अंध बालिका विद्यालय में पढ़ने वाले दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों के आसमान छूने के ख्वाब में राह ही रोड़ा बन गई है। विद्यालय तक पहुंचने वाले दोनों रास्ते लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। कई जगह सड़क धंसने से गहरे गड्ढे का स्वरूप ले चुकी है। रही-सही कसर रास्ते में पड़ा मलबा भी पूरी कर देता है। ऐसे में दृष्टिबाधित बच्चों के साथ हर पल हादसा होने का खतरा बना रहता है।

श्री सांई बाबा एजुकेशन सेंटर की प्रधानाचार्या रीना सिंह ने बताया कि विद्यालय कई वर्षों से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए संचालित हो रहा है। विद्यालय के आस-पास सड़क किनारे जगह-जगह ईंट-पत्थर और कूड़ा पड़ा है। सड़क का एक बड़ा हिस्सा टूटकर धंसने से गहरा गड्ढा हो गया है। बताया कि सड़क टूटने से हुए गड्ढे और पड़ा मलबा दृष्टिबाधित बच्चों के लिए बहुत बड़ी समस्या है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इन रास्तों की जल्द मरम्मत कराई जानी चाहिए।