8 साल की दुष्कर्म पीड़िता से घर में भी असंवेदनहीनता, पिता ने जबरन चेक पर करवाया साइन, खाते से निकाले 85 हजार
कानपुर में एक आठ साल की दुष्कर्म पीड़िता बालिका ने शिकायत की कि उसके पिता ने जबरन चेक पर हस्ताक्षर कराकर उसके खाते से 85 हजार रुपये निकाल लिए।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, कानपुर। कलक्ट्रेट स्थित प्रोबेशन विभाग में शुक्रवार दोपहर एक आठ साल की बालिका अपनी मां के साथ पहुंची। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह को अपनी पासबुक दिखाते हुए रोते हुए बोली कि पिता ने मारपीट कर उससे चेक पर जबरन साइन करा लिए और उसके खाते से 85 हजार रुपये निकाल लिए।
प्रोबेशन अधिकारी कुछ समझते उससे पहले ही उसकी मां बोल पड़ी, साहब बेटी से दुष्कर्म हुआ था। इस पर प्रोबेशन विभाग से तीन लाख की आर्थिक मदद मिली थी। बेटी का बैंक आफ बड़ौदा में आनूपुर शाखा सजेती में अलग खाता खुलवाया गया था। इसमें संरक्षक के रूप में बेटी के पिता का नाम है।वह नहीं चाहती है कि उसकी बेटी का पैसा पति निकाले।
इसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी ने पासबुक देखी। पता चला कि दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग को रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से तीन लाख रुपये दिए गए थे। इस योजना के तहत रिपोर्ट दर्ज होने पर डाक्टर, पुलिस और प्रोबेशन विभाग की आख्या के बाद मामला जिला संचालन समिति में रखा जाता है।
यह भी पढ़ें- मुंगेर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की सजा, पीड़िता को 4 लाख रुपये मुआवजा
समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं। एडीपीसी, अभियोजन अफसर, सीएमओ, समाज कल्याण अधिकारी भी समिति में है। प्रोबेशन अधिकारी ने बैक प्रबंधक को पत्र लिखकर खाते से पैसे निकालने पर रोक लगाने के लिए कहा है।
यह भी लिखा है कि अगर बालिका और उसकी मां चाहे तो बची हुई राशि की एफडी करा दी जाए। बालिका की मां से कहा कि अगर वह कोई कानूनी कार्यवाही चाहती है तो संबंधित थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
