मुंगेर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की सजा, पीड़िता को 4 लाख रुपये मुआवजा
मुंगेर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी रंजन यादव को 20 साल के सश्रम कारावास और ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
दोषी रंजन यादव को 20 साल का सश्रम कारावास।
पीड़िता को चार लाख रुपये का प्रतिकर देने का आदेश।
विशेष पॉक्सो अदालत ने सुनाया फैसला, 25 हजार जुर्माना।
जागरण संवाददाता, मुंगेर। मुंगेर व्यवहार न्यायालय की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी रंजन यादव को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विमलेंदु कुमार की अदालत ने शुक्रवार को सजा का फैसला सुनाया।
अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा जिला प्रशासन को पीड़िता को चार लाख रुपये की प्रतिकर राशि देने का निर्देश दिया गया है।
2022 में हुई थी घटना, मां ने दर्ज कराया था केस
विशेष लोक अभियोजक प्रीतम कुमार वैश्य के अनुसार घटना 23 अक्टूबर 2022 की शाम की है। मामले में पीड़िता की मां ने अगले दिन 24 अक्टूबर को तारापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, घटना के समय 11 वर्षीय पीड़िता शौच के लिए बहियार गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बगीचे की ओर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घर लौटने के बाद पीड़िता ने स्वजन को घटना की जानकारी दी।
पुलिस जांच के बाद दाखिल किया गया आरोप पत्र
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता की मां ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में नौ गवाहों की गवाही कराई। इसके अलावा 18 महत्वपूर्ण दस्तावेज भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
करीब चार साल चली सुनवाई, फिर दोषी करार
मामले की सुनवाई करीब चार वर्षों तक चली। विशेष न्यायालय ने 14 अगस्त को उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर रंजन यादव को विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया था।
इसके बाद शुक्रवार को अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। न्यायालय ने दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पीड़िता को चार लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश
अदालत ने मामले में पीड़िता के हित को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को चार लाख रुपये की प्रतिकर राशि देने का भी आदेश दिया है।
फैसले के बाद दोषी को निर्धारित सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में चार माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी अदालत ने किया है।
