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कानपुर में नकली एआरवी वैक्सीन रैकेट का खुलासा, तीन पर मुकदमा दर्ज

Published: Sun, 27 Sep 2026 03:58 PM (IST)

दिल्ली में पकड़ी गई नकली एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की जांच में कानपुर का कनेक्शन सामने आया है। फर्जी बिलों ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दिल्ली में पकड़ी नकली एंटी रेबीज वैक्सीन का कानपुर कनेक्शन

  2. न्यू आरजे एजेंसीज से 592 नकली अभयरैब वैक्सीन वायल बरामद

  3. फर्जी बिलों और बयानों में विरोधाभास पर तीन के खिलाफ FIR

जागरण संवाददाता, कानपुर। नई दिल्ली के चांदनी चौक स्थित भगीरथ पैलेस में पकड़ी गई नकली एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की जांच में फर्जी बिल के जरिए दवा की खरीद-फरोख्त का मामले सामने आया था। नकली रैबीज वैक्सीन का संबंध कानपुर से सामने आया था, जिसमें औषधि निरीक्षक की जांच में बिरहाना रोड की मेसर्स न्यू आरजे एजेंसीज, के यहां अभयरैब वाले बैच की वैक्सीन के 592 वायल मिले थे।

निर्माता कंपनी ह्यूमन बायोलाजिक्स ने इस बैच की वैक्सीन को नकली घोषित किया है। मामले में औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे की तहरीर पर तहरीर पर रविवार को कलक्टरगंज पुलिस ने आरजे एजेंसीज के प्रोपराइटर बलजीत कौर, राजिंदर सिंह और तरनदीप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग के औषधि निरीक्षक रवि कुमार यादव ने बताया कि दिल्ली की मेसर्स वीएस फार्मास्यूटिकल्स ने न्यू आरजे एजेंसीज से सात इनवाइस के माध्यम से ए आरवी वैक्सीन खरीदी थी। इसके बाद न्यू आरजे एजेंसीज की जांच की गई। जांच के दौरान वापस आई 592 वायल मिलीं। इनमें से 120 वायल जांच और नमूने के रूप में सुरक्षित की गईं। शेष 462 वायल को सीज कर सुरक्षित रखा गया।

जांच में न्यू आरजे एजेंसीज ने वैक्सीन की खरीद के लिए मेसर्स एलिक्सिर क्योर, एक्सप्रेस रोड के तीन बिल प्रस्तुत किए। औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे और ओमपाल सिंह ने 25 सितंबर को एलिक्सिर क्योर की जांच की। फर्म के प्रोपराइटर तरनदीप सिंह ने इन बिलों को दिखाने पर कहा कि ये बिल उनकी फर्म ने जारी नहीं किए हैं और उन्होंने कभी अभयरैब वैक्सीन की खरीद नहीं की। उपलब्ध बिलों की प्रतियों की जांच में भी उन पर अभयरैब वैक्सीन अंकित नहीं मिली।

26 सितंबर को न्यू आरजे एजेंसीज में हुई जांच के दौरान राजिन्दर सिंह ने बताया कि इनवाइस के जरिए अभयरैब वैक्सीन की खरीद एलिक्सिर क्योर से की गई थी और ये बिल तरनदीप सिंह ने ही दिए थे। उन्होंने अपने मोबाइल में तरनदीप सिंह के साथ हुई वाट्सएप चैट भी दिखाई। जांच में मोबाइल नंबर तरन एलेक्स-दो नाम से सेव मिला। चैट में तरनदीप सिंह की ओर से इनवाइस संख्या भेजे जाने की बात सामने आई।

इस तरह एक ही खरीद को लेकर दोनों पक्षों के बयानों और दस्तावेजों में विरोधाभास सामने आया है। मामले को लेकर औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे ने तहरीर दी जिसके आधार पर कलक्टरगंज थाना पुलिस ने आरजे एजेंसीज के प्रोपराइटर बलजीत कौर के साथ राजिंदर सिंह और तरनदीप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।