विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गैस संकट से जूझ रहा कानपुर:; सिलेंडर के लिए लंबी कतारें, होटल-रेस्टोरेंट संकट में, कोयला भी महंगा

Published: Thu, 12 Mar 2026 09:29 AM (IST)

कानपुर में वाणिज्यिक और घरेलू गैस सिलिंडरों की भारी किल्लत से होटल, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस संकट में हैं। कोयले ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. कामर्शियल गैस सिलिंडर न मिलने से होटल, रेस्टोरेंट व खाद्य पदार्थों के अन्य व्यापारी परेशान

  2. गैस गोदामों पर लग रही लंबी लाइनें, शादी-विवाह के आयोजन में पकवान बनना हुआ कठिन

जागरण संवाददाता, कानपुर। ईरान-अमेरिका इजरायल तनाव का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय बाजारों में हलचल मची है। आयात-निर्यात पर असर पड़ने से उद्योग धंधे बंद होने की कगार पर खड़े हैं। अब इस तनाव का सीधा घरों में भी दिख रहा। आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी शुरू हो गई।

Kanpur में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की किल्लत गहराने लगी है। होटल, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस संचालक गैस की कमी से परेशान हैं, जबकि गैस गोदामों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। किल्लत के चलते जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं।

गैस सिलिंडर के लिए मारामारी मची है। कामर्शियल की बात दूर, घरेलू गैस सिलिंडर तक का संकट गहराया है। ऐसे में जमाखोरी भी शुरू हो गई है। होटल-रेस्टोरेंट बंदी की कगार पर आ पहुंचे हैं। गैस गोदाम पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लगी हैं। वितरक मुंह मांगे दाम वसूलने लगे हैं। वहीं, लकड़ी व अन्य कोयले के दामों में भी उछाल शुरू हो गई है।

 

इस वजह से बढ़ी गैस की परेशानी

विवरण आंकड़ा
कामर्शियल गैस सिलिंडरों की रोजाना मांग 3000
महानगर में रेस्टोरेंट की संख्या 3500
होटल की संख्या 200
गेस्ट हाउस की संख्या 1500

इस वजह से ज्यादा परेशानी

कानपुर में 200 होटल हैं और 3500 रेस्टोरेंट हैं, जहां अभी तक 3000 कामर्शियल गैस सिलिंडर की प्रतिदिन सप्लाई हो रही थी। इसके अलावा 1500 गेस्ट हाउस हैं, यहां भी इन दिनों सहालगों का दौर चल रहा है। इन गेस्ट हाउस संचालकों में भी कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की मांग है, लेकिन उन लोगों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है, ऐसे में इनका परेशान होना स्वाभाविक भी है।

शादी भी है

इसके अलावा जिन घरों में शादी-विवाह के कार्यक्रम हैं, उन परिवारों के लोग भी गैस सिलिंडर के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं। इस तरह आजकल गैस सिलिंडर के लिए हर तरफ मारामारी मची है। व्यापारियों को न कामर्शियल गैस सिलिंडर मिल पा रहे हैं और न ही उन्हें घरेलू गैस सिलिंडर के प्रयोग की छूट है। होटल-रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस संचालक खाद्य पदार्थों के तैयार करने में गैस सिलिंडर की जगह विकल्प तलाश रहे हैं।


व्यापारी परेशान

गैस आपूर्ति प्रभावित होने का प्रभाव महानगर में भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। होटल-रेस्टोरेंट, नमकीन एवं मिठाई के कारोबार के साथ ही उन सभी खाद्य व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जो कामर्शियल गैस सिलिंडरों पर निर्भर हैं। व्यापारी भोला मिश्रा, इंदरजीत सिंह, हर्ष भटिया ने बताया कि कामर्शियल गैस सिलिंडरों की किल्लत से बाजार में इंडक्सन के साथ ही लकड़ी कोयला के दामों में वृद्धि होने लगी है।


150 रुपये प्रति क्विंटल महंगा हुआ कोयला

बाजार में कोयला की मांग बढ़ गई है। ऐसे में कोयला पर भी महंगाई का असर दिखने लगा है। अन्य दिनों की अपेक्षा प्रति क्विंटल कोयला 150 रुपये महंगा हो गया है। कोयला व्यापारी हौसला तिवारी महंगाई का कारण 4 रुपये प्रति क्विंटल कोयले पर भाड़ा बढ़ना बता रहे हैं। बाजार में कोयला अभी तक 1750 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बिक रहा था, जो अब 1900 में हो गया है। वैष्णों होटल के अमित शर्मा बताते हैं कि उनके पास एक भी कामर्शियल गैस सिलिंडर है, जबकि हर रोज दो-तीन सिलिंडर की जरूरत रहती है। अब वह कोयला भट्ठी का इंतजाम रहे हैं।


गैस सिलिंडर की किल्लत से शादी-विवाह के आयोजक भी प्रभावित

उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला महामंत्री राजकुमार भगतानी ने बताया कि कामर्शियल गैस सिलिंडरों की व्यवस्था शीघ्र न हुई तो अगले एक-दो दिन में हालात और अधिक खराब होने वाले हैं। किल्लत इतनी अधिक बढ़ गई है कि छोटे सिलिंडर भी दो हजार रुपये में नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में व्यापारी वर्ग में व्यापार और श्रमिकों में रोजगार की किल्लत की स्थिति उत्पन्न होने लगी है।

वहीं, सिविल लाइन्स में वेद गेस्ट हाउस के संस्कार केसरवानी बताते हैं कि कामर्शियल गैस सिलिंडर मिल नहीं रहे हैं, यदि कोई जुगाड़ कर ला रहा है तो वह भी ब्लैक में मिल रहा है। शादी-विवाह के आयोजक गैस सिलिंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गैस सिलिंडरों के अभाव में एक-दो दिन में खाद्य पदार्थों पर भी महंगाई का असर दिखना शुरू हो जाएगा।

लाल बंगले में जलसा गेस्ट हाउस के रमाशंकर यादव बताते हैं कि 15 मार्च तक सहालग है और इस बीच में घरेलू गैस सिलिंडर के साथ-साथ कामर्शियल गैस सिलिंडरों की उपलब्धता में भी गंभीर कमी हो गई है। पिछले दो दिनों से कामर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति लगभग बंद है। उन्होंने बताया कि अभी जिनके पास पहले से गैस सिलिंडर मौजूद हैं, वह तो काम चला ले रहे हैं पर अगले दिनों में दिक्कत बढ़ने वाली है।


डीएम से मिले व्यापारी नेता

व्यापार मंडल और होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी बुधवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह से मिले। मांग पत्र देकर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही जब तक कामर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत बरकरार है, तब तक शादियों में घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल की छूट देने की मांग की। एसोसिएशन के पदाधिकारी भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। व्यापारियों ने बताया कि डीएम ने उन लोगों को कामर्शियल व घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत को कंट्रोल कराने का भरोसा दिया है। इस मौके पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम मूलचंदानी, जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, कानपुर होटल गेस्ट स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखबीर मलिक, केके गुप्ता, अब्दुल वहीद, इखलाक मिर्जा, जितेंद्र सिंह, अनुराग साहू मौजूद रहे।

 

गैस संबंधी समस्या के लिए संपर्क अधिकारी

समय अधिकारी मोबाइल नंबर
सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक पूर्ति निरीक्षक राजेंद्र रंजन 9956471749
पूर्ति निरीक्षक सुधा सिंह 9415475572
पूर्ति लिपिक मोनिका यादव 8737062811
दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक पूर्ति निरीक्षक सचिन श्रीवास्तव 7499728292
पूर्ति लिपिक आशुतोष अवस्थी 8318899106
रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक पूर्ति निरीक्षक राकेश मौर्या 9140832585
पूर्ति लिपिक गिरजेश कुमार सोनी 6387573824