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रूस से कानपुर लौटे इंजीनियर चंदन, परिवार बोला - दूतावास कर्मी और रूसी पुलिस बिगाड़ रही माहौल

Published: Fri, 11 Sep 2026 05:34 PM (GMT+05:30)

इंजीनियर चंदन गुप्ता मास्को में हिरासत के बाद कानपुर लौटे, उनकी पत्नी स्नेहा ने रूसी पुलिस और भारतीय दूतावास के ...और पढ़ें

HighLights

  1. भारत आकर खुद को महसूस कर रहे सुरक्षित, करीब 48 घंटे हिरासत में रखने का आरोप

  2. बोलीं-पति पर शराब पीने और एंबुलेंस का शीशा तोड़ने का आरोप है तो सीसी फुटेज दिखाएं

  3. रूस के मास्को से घर लौटे इंजीनियर चंदन की पत्नी ने दूतावास के बयान पर उठाए सवाल

जागरण संवाददाता, कानपुर। रूस के मास्को में हिरासत में लिए गए भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता गुरुवार रात पत्नी स्नेहा गुप्ता और बच्चे के साथ यशोदानगर स्थित घर लौट आए। भारत पहुंचने के बाद स्नेहा ने पूरे मामले को लेकर रूसी पुलिस और भारतीय दूतावास के अधिकारियों के बयानों पर सवाल खड़े किए हैं।

उनका आरोप है कि दूतावास ने रूसी पुलिस के गलत बयानों को जारी कर उनके पति की छवि खराब करने की कोशिश की। स्नेहा ने कहा कि जब तक उन्हें आरोपों से जुड़े साक्ष्य नहीं दिखाए जाते, तब तक वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

स्नेहा ने कहा कि उनके पति पर शराब पीने और एंबुलेंस का शीशा तोड़ने के आरोप लगाए गए हैं। यदि आरोप सही हैं तो संबंधित वीडियो या फोटो सामने लाए जाएं। उन्होंने कहा कि मास्को जैसे शहर में जगह-जगह सीसी कैमरे लगे हैं। ऐसे में घटना की रिकार्डिंग आसानी से सामने आ सकती है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वालों के साथ ही भारतीय दूतावास से भी सवाल किया कि आखिर उनके पति से बात किए बिना यह बयान किस आधार पर जारी किया गया।

उन्होंने कहा कि यदि चंदन ने शराब पी थी या किसी वाहन का शीशा तोड़ा था तो उसका प्रमाण दिया जाए। स्नेहा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें वीडियो या फोटो उपलब्ध कराता है तो वह उसे भारत में संबंधित अधिकारियों और दूतावास के सामने रखेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देने की बात कही है।

स्नेहा के मुताबिक, मास्को पुलिस ने उनके पति को एक-दो घंटे नहीं बल्कि करीब 48 घंटे तक हिरासत में रखा। बीते शनिवार रूसी समय के अनुसार उनके पति और उनके दोस्त आशीष को बामुसकाया पुलिस स्टेशन में रखा गया, जहां प्रताड़ित करके आरोप कबूल करने के लिए दबाव भी बनाया गया।

उनका आरोप है कि पुलिस ने चंदन के दस्तावेजों की सही तरह से जांच नहीं की। चंदन वर्क वीजा पर रूस में गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें टूरिस्ट वीजा पर समझकर कार्रवाई की। स्नेहा ने बताया कि चंदन को रूसी भाषा पढ़नी और बोलनी नहीं आती। इसके बावजूद उनसे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए।

दावा किया कि मामला अदालत तक पहुंचने के बाद पुलिस उनके पति पर लगाए गए आरोपों को पर्याप्त साक्ष्यों के साथ साबित नहीं कर सकी। इस संबंध में लिखित साक्ष्य होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि वह इन्हें मुख्यमंत्री या संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगी।

स्नेहा ने अपने पति की नौकरी का जिक्र करते हुए कहा कि चंदन कंपनी में डीजीएम के पद पर कार्यरत थे। वह कोई चपरासी नहीं थे। उन्होंने सवाल किया कि जब कोई व्यक्ति अपने ही देश में ऐसा काम नहीं करेगा तो विदेश जाकर ऐसा क्यों करेगा। स्नेहा ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना है।

इंजीनियर चंदन गुप्ता वर्क वीजा पर रूस गए थे। उनकी पत्नी स्नेहा ने पहले वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि रूसी पुलिस ने उनके पति को बिना वजह हिरासत में लिया और उन्हें जबरन सेना में भेजने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने रूस स्थित भारतीय दूतावास पर भी समय पर मदद नहीं करने का आरोप लगाया था। अब भारत लौटने के बाद स्नेहा ने दूतावास के बयान और रूसी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।


पांच महीने से भारतीयों को किया जा रहा परेशान

स्नेहा ने कहा कि भारत लौटने के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उनका आरोप है कि युद्ध के कारण रूस के हालात ठीक नहीं हैं और पिछले करीब पांच महीने से रूसी पुलिस भारतीय नागरिकों को परेशान कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय महिलाओं के पर्स से जबरन रुपये निकाले जाने जैसी घटनाएं हो रही हैं।

छीने जा रहे रुपये

इंजीनियर चंदन भी अपने बुजुर्ग सहयोगी के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उनके सहयोगी भी भारतीय हैं, जिन्हें कुछ दिन बाद भारत लौटना था। इसलिए वह पत्नी के साथ खरीदारी करने माल गए थे, जहां से लौटते वक्त रूसी पुलिस ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। यहां तक माल से खरीदकर ले जा रहे सामान को छीन लिया और उनकी पत्नी के पर्स जबरन 12 हजार डालर निकाल लिए थे।

चार और फर्जी मामलों में फंसाने की थी तैयारी

स्नेहा का आरोप है कि सोमवार को अदालत से उनके पति को छोड़ने के आदेश के बाद उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां जबरन कुछ दस्तावेजों पर चंदन से दबाव डालकर हस्ताक्षर कराए गए। जुर्माना भी वसूला गया। इसके बाद उन्हें ट्रांसलेटर के जरिए पता चला कि पुलिस उनके पति को छोड़ने के बाद उनके खिलाफ चार और मामले दर्ज करके 10 दिन की रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। ऐसे में रूस से निकलना जरूरी होने के कारण उन्होंने दबाव में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

2023 में कंपनी ने उन्हें मास्को भेजा थ्ज्ञा

इंजीनियर चंदन ने बताया कि वर्ष 2020-2022 तक रूस के मास्को में फ्लैक्स फिल्म कंपनी में कार्यरत थे। उस वक्त भी वह परिवार के समय रह रहे थे। उस दौरान ऐसे कभी हालात देखने को नहीं मिले। इसके बाद 2022 में वहां से नौकरी छोड़कर नासिक की जिंदल कंपनी में काम किया। इसके बाद फिर वर्ष 2023 में फ्लैक्स फिल्म कंपनी ने उन्हें रूस के मास्को भेज दिया। तब से वहीं परिवार समेत रह रहे थे।

लंच करके वापस आ रहे थे

बीते शनिवार को उनकी कंपनी की तीन दिन की विजिट पर उनके एक पुराना साथी आया हुआ था, जिसके बुलाने पर वह दोस्त आशीष के साथ मिलने पहुंचे थे। इसके बाद तीनों रेड स्काउर और हैगिंग ब्रिज घूमने के बाद लंच करके वापस घर जानने के लिए मेट्रो स्टेशन जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें और आशीष को पकड़ लिया। इस दौरान रूसी पुलिस ने हाथापाई करने की भी कोशिश की। इसके बाद उन्हें बामुसकाया पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

जैकेट में रखे दूसरे मोबाइल से भेजी लोकेशन

पुलिस को इस बात की भनक नहीं लगी कि उनके कोई दूसरा मोबाइल हैं। उन्होंने जैकेट की जेब में रखे दूसरे मोबाइल के जरिए तीसरे दोस्त और आफिस के एडमिन को पुलिस स्टेशन से लोकेशन भेज दी, ताकि उनके बारे में परिवार को जानकारी हो सके। हालांकि इस बात की जानकारी होते ही उन्होंने उनका मोबाइल छीन लिया था। बाद में एक नााबलिग लड़का पुलिस स्टेशन पहुंचा था, जिसके मोबाइल से उन्होंने पत्नी स्नेहा को घटना की जानकारी दी थी।