यूपी चुनाव को लेकर इलेक्शन कमीशन सख्त, कानपुर में 72 घंटे में नोडल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनाती के आदेश
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने कानपुर में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत 72 घंटे में नोडल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

विवेक चतुर्वेदी, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
HighLights
72 घंटे में नोडल, जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती।
867 संवेदनशील मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट।
पोलिंग पार्टियों की रवानगी के लिए दो स्थानों का प्रस्ताव।
जागरण संवाददाता, कानपुर। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग तेजी से कार्य कर रहा है। सोमवार को केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने जिला प्रशासन को अगले 72 घंटे में नोडल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
जिले की 10 विधानसभा सीटों के लिए 16 नोडल अधिकारी, 44 जोनल मजिस्ट्रेट और 276 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही जिले के 867 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और सुरक्षा संबंधी स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 24 सितंबर की शाम तक अधिकारियों की तैनाती पूरी कर रिपोर्ट भेजनी होगी। इसके बाद नोडल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण शुरू करेंगे।
मतदान केंद्रों पर बिजली, पानी, पहुंच मार्ग, शौचालय, रैंप, प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी देखी जाएगी। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाएगा।
दिसंबर तक विभागीय तैयारियां पूरी करने की तैयारी
विधानसभा चुनाव को लेकर जिला प्रशासन दिसंबर तक विभागीय स्तर की सभी तैयारियां पूरी करने की दिशा में काम कर रहा है। मतदान केंद्रों के निर्धारण से लेकर ईवीएम की जांच, मतदान कार्मिकों की व्यवस्था, परिवहन और सुरक्षा इंतजामों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। एक हजार से अधिक ईवीएम की जांच भी हो चुकी है। शेष मशीनों की प्रथम स्तर की जांच प्रक्रिया भी निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
इस बार दो स्थानों से रवाना हो सकती हैं पोलिंग पार्टियां
चुनाव में मतदान के दिन पोलिंग पार्टियों की रवानगी और वापसी की व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने नया खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। अब तक कानपुर में पोलिंग पार्टियों को मुख्य रूप से मंडी समिति से रवाना किया जाता रहा है।
एक ही स्थान से बड़ी संख्या में पोलिंग पार्टियों के रवाना होने के कारण वाहनों की पार्किंग, कर्मचारियों के आवागमन, यातायात नियंत्रण और पार्टियों की निगरानी में दिक्कतें आती हैं।
इसी को देखते हुए इस बार जिले की 10 विधानसभाओं को पांच-पांच के दो हिस्सों में बांटकर दो अलग-अलग स्थानों से पोलिंग पार्टियों की रवानगी की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दक्षिण क्षेत्र की विधानसभाओं के लिए मंडी समिति और उत्तर क्षेत्र की विधानसभाओं के लिए सीएसए मैदान को विकल्प के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि दो स्थानों से पोलिंग पार्टियां रवाना होने पर भीड़ और वाहनों का दबाव कम होगा।
साथ ही मतदान कार्मिकों को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के लिए वाहन उपलब्ध कराने, ईवीएम और अन्य मतदान सामग्री के वितरण तथा पोलिंग पार्टियों की निगरानी में भी सुविधा होगी। हालांकि अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
आयोग के निर्देश के अनुसार जल्द ही नोडल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर से की जाएगी। जाम से बचने और मतदान कर्मियों की सुविधा को देखते हुए इस बार पोलिंग पार्टियों की रवानगी के लिए दो स्थानों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसे निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। आयोग की अनुमति के बाद उत्तर क्षेत्र की पोलिंग पार्टियों को सीएसए और दक्षिण क्षेत्र की पोलिंग पार्टियों को मंडी समिति से रवाना करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। -विवेक चतुर्वेदी, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
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