कानपुर, जेएनएन। शादी अनुदान योजना में हुए घोटाले में पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के निलंबन के बाद अन्य आरोपित अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। इस मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के दो उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की एक उप निदेशक, तहसीलदार रहे एसीएम दो और तत्कालीन दो नायब तहसीलदारों के विरुद्ध भी कार्रवाई होना तय है। इन अफसरों के विरुद्ध डीएम आलोक तिवारी ने विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर रखी है। संस्तुति के आधार पर ही पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी निलंबित हुए और अब वर्तमान में संभल में तैनात कानपुर की पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल पर कार्रवाई हुई है। 19 लेखपाल पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं।

शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में कानपुर में बड़ा घोटाला सामने आया था। यह घोटाला दैनिक जागरण द्वारा उजागर किया गया था। इसके बाद डीएम ने जांच कराई थी। जांच के लिए पहले 51 अधिकारी तैनात किए गए और उन्होंने पाया कि इन योजनाओं में 409 अपात्रों को लाभ दिया गया। साथ ही 18 सौ से अधिक ऐसे लोग भी थे जिनके पते ही नहीं मिले। पारिवारिक लाभ योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग करता है, जबकि शादी अनुदान अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग करते हैं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर ही डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह, विभाग के दो लिपिक, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रहीं वर्षा अग्रवाल और प्रियंका अवस्थी (वर्तमान में उप निदेशक), पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तत्कालीन उप निदेशक अजीत प्रताप ङ्क्षसह, लालमणि मौर्य (जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का प्रभार है), लेखाकार , तत्कालीन तहसीलदार अमित गुप्ता ( एसीएम दो के पद पर तैनात), तत्कालीन नायब तहसीलदार विराग करवरिया और अर्सला नाज के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की थी। आठ कानूनगो पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी है। अब अन्य अधिकारियों के विरुद्ध भी प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और राजस्व परिषद में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

Edited By: Abhishek Agnihotri