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कानपुर में बेटे के सामने पिटाई से टूटा पिता का स्वाभिमान, फंदा लगा दे दी जान

Published: Mon, 04 May 2026 08:38 PM (IST)

कानपुर में दो आत्महत्या की घटनाएं सामने आईं। घाटमपुर में बेटे के सामने पिटाई से आहत एक किसान ने फंदा ...और पढ़ें

नारायण दिवाकर की फाइल फोटो। स्वजन

नारायण दिवाकर की फाइल फोटो। स्वजन

HighLights

  1. बेटे के सामने पिटाई से आहत किसान ने की आत्महत्या।

  2. क्रिकेट मैच विवाद में हुई मारपीट के बाद घटना।

  3. आर्थिक तंगी से परेशान लोडर चालक ने भी दी जान।

संवाद सहयोगी, घाटमपुर (कानपुर)। कानपुर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। साढ़ थाना क्षेत्र के शंकरपर गांव में बेटे के सामने मारपीट से आहत एक किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। मारपीट एक क्रिकेट मैच के दौरान विवाद के बाद हुई। मारपीट के दौरान किसान का नाबालिग बेटा पिता को बचाने की गुहार लगाता रहा। बेटे के सामने मारपीट होने से वह आहत हो गया और घर जाकर आत्महत्या कर ली।

बौहार गांव निवासी 47 वर्षीय नारायण दिवाकर सोमवार को पड़ोसी गांव शंकरपुर में नाबालिग बेटे के साथ एक क्रिकेट मैच देख रहे थे। इसी दौरान वहां किसी बात को लेकर उनका विवाद हो गया। विवाद के बाद कुछ लोगों ने बेटे के सामने ही उससे मारपीट की। इस दौरान उनका बेटा मौजूद अन्य लोगों से मदद मांगता रहा, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बोला। बेटे ने लोगों से मोबाइल मांगा ताकि वह पुलिस को सूचना दे सके, लेकिन तब भी किसी ने उसकी मदद नहीं की।

सार्वजनिक रूप से मारपीट के बाद आहत होकर नारायण घर पहुंचे और फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पाकर पुलिस पहुंची। स्वजन ने पहले कार्रवाई करने की मांग की है।

स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल

नारायण दिवाकर के परिवार में पत्नी मीरा, बेटियां रोशनी, जानकी, अंशिका, गौरी व एक नाबालिग बेटा है। घटना के बाद सभी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मामले में एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच कराई जा रही है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

लोडर की किस्त न जमा कर पाने से चालक ने दे दी जान

चकेरी हरजेंदर नगर निवासी 30 वर्षीय विपिन सैनी लोडर चलाता था परिवार में मां और दो बहनें पूजा और चीनी हैं। मुहल्ले में रहने वाले दोस्त प्रेमसागर ने बताया कि उसका सिविल अच्छा न होने की वजह से डेढ़ साल पहले उसने अपने चाचा के नाम पर विपिन को लोडर फाइनेंस कराया था। जिसकी हर माह करीब 12 हजार रुपये किस्त जाती थी। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने की वजह से वह किस्त जमा करने को लेकर परेशान चल रहा था। सोमवार सुबह स्वजन की गैरमौजूदगी में उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।