कानपुर, जागरण संवाददाता। रावतपुर थानाक्षेत्र की कृष्णापुरी में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार आयकर कर्मी के शव को डेढ़ साल तक जिंदा बताकर घर पर रखे रहा। शुक्रवार की दाेपहर इस बात की जानकारी तब हुई जब विभाग की शिकायत पर सीएमओ कानपुर की टीम घर पहुंची।
टीम को घर पर आयकर कर्मी का कंकाल बन चुका शव बरामद हुआ। परिवार वालों से जब उसके मृत होने की बात बताई तो वह लड़ने को तैयार हो गए। इस पर जमकर हंगामा हुआ। स्थितियां देखकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद समझाबुझा कर शव को हैलट लेकर आया गया। सीएमओ के आदेश पर तीन डाक्टरों के पैनल को इस पूरे मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
  
कानपुर के रावतपुर थानाक्षेत्र में कृष्णपुरी निवासी 35 वर्षीय विमलेश गौतम आयकर विभाग में एओ के पद पर अहमदाबाद में तैनात थे। विमलेश की पत्नी मिताली दीक्षित हैं, जो कि कोआपरेटिव बैंक में हैं। दोनों ने सात साल पहले प्रेम विवाह किया था। एक पांच साल का बेटा व तीन साल की बेटी है।
विमलेश का परिवार पिता राम औतार गौतम, मां रामदुलारी के अलावा भाई सुनील गाैतम व दिनेश गौतम के  परिवारों के साथ तीन मंजिला मकान  में रहते हैं। विमलेश गौतम वर्ष 2019 में बीमारी के चलते विभाग से अवकाश लेकर घर आए थे, लेकिन अब तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे। 

आयकर विभाग ने जांच का किया था आग्रह

सीएमओ आलोक रंजन ने बताया कि विमलेश की पत्नी मीताली का एक पत्र पिछले दिनों आयकर विभाग को गया था, जिसमें पति की बीमारी का हवाला देकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा गया था। इसी पत्र के आधार पर आयकर विभाग हैदराबाद ने कानपुर सीएमओ से स्वास्थ्य परीक्षण का अनुरोध किया था। पत्र मिलने के बाद उन्होंने शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ ओपी गौतम के नेतृत्व में एक टीम विमलेश के घर भेजी थी। 

घर वाले करने लगे हंगामा

टीम जब घर पहुंची तो वहां कंकाल बन चुके विमलेश का शव बरामद हुआ। जब डाक्टरों की टीम ने उन्हें मृत बताया तो घर वाले उन्हं जिंदा बताकर हंगामा करने लगे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर एसीपी दिनेश चंद्र शुक्ला, रावतपुर थाना प्रभारी संजय शुक्ला मौके पर पहुंचे। समझाबुझा कर शव को हैलट लाया गया। सीएमओ के मुताबिक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।

इतने पुराने शव से क्यों नही आ रही बदबू

सीएमओ ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि मोहल्ले वालों की भी शव से बदबू नहीं आई, इसकी भी जांच हो रही है। प्रथम दृष्टया शव के ममी स्वरूप में जाने से बदबू न आने की संभावना है, लेकिन घरवालों ने ऐसा कैसे किया, इसकी भी जांच होगी। 

22 अप्रैल 2021 को हो चुकी थी मौत 

सीएमओ ने बताया कि विमलेश की पत्नी व भाई से बात हुई है। उनसे बातचीत में सामने आया है कि विमलेश बीमारी हालात में हैदराबाद से घर लौटे थे। उन्हें कानपुर के कई अस्पतालों में दिखवाया गया। उस वक्त कोराेना का समय था। बाद में उन्हें बिरहाना रोड स्थित मोती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां 22 अप्रैल 2021 की भोर चार बजे उनकी मृत्यु हो गई। स्वजनों के मुताबिक उन्हें डबल निमोनिया हो गया था।

Edited By: Nitesh Mishra