22 राज्यों के 90 से अधिक शिल्पकारों की कलाकृतियों से सजेगा कानपुर, 23 अक्टूबर से 'क्राफ्टरूट्स' प्रदर्शनी
कानपुर के चुन्नीगंज कन्वेंशन सेंटर में 23 से 27 अक्टूबर तक 'क्राफ्टरूट्स' प्रदर्शनी लगेगी, जिसमें 22 राज्यों के 90 से अधिक शिल्पकार अपनी पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे

22 राज्यों के 90 से अधिक शिल्पकारों की कलाकृतियों से सजेगा कानपुर।
HighLights
23 से 27 अक्टूबर तक कानपुर में क्राफ्टरूट्स प्रदर्शनी।
22 राज्यों के 90 से अधिक शिल्पकार करेंगे प्रदर्शन।
कांच कला, बाघ प्रिंट, पट्टचित्र, कोसा सिल्क मुख्य आकर्षण।
जागरण संवाददाता, कानपुर। देश की पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर शहरवासियों को मिलने जा रहा है। चुन्नीगंज स्थित कन्वेंशन सेंटर में 23 से 27 अक्टूबर तक पांच दिवसीय ‘क्राफ्टरूट्स’ प्रदर्शनी लगेगी।
इसमें 22 राज्यों के 90 से अधिक शिल्पकार अपनी कलाकृतियों और पारंपरिक हुनर का प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनी का उद्घाटन 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी।
प्रदर्शनी में 90 से अधिक प्रकार की हस्तशिल्प कलाओं को एक ही छत के नीचे देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। इसकी खासियत यह होगी कि दर्शक तैयार उत्पादों को देखने के साथ ही उन्हें बनाने की पारंपरिक तकनीक भी प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे।
फिरोजाबाद के राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार महेश कुमार कांच से सजावटी मूर्तियां, गणेश प्रतिमाएं, वन्यजीवों की आकृतियां और आभूषण तैयार करने की कला का प्रदर्शन करेंगे। वह कांच को फूंक मारकर आकार देने और ठोस कांच से कलाकृतियां बनाने की तकनीक का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से इस हुनर को आगे बढ़ा रहा है। मध्य प्रदेश के धार जिले के बाघ गांव के शिल्पकार अहमद हुसैन खत्री पारंपरिक बाघ प्रिंट की बारीकियों से परिचित कराएंगे।
इस कला में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। फिटकरी से लाल और लोहे की जंग से काला रंग तैयार करने के साथ कपड़ों की कुटाई और हरड़ा लेप जैसी पारंपरिक प्रक्रियाएं भी दिखाई जाएंगी। बंगाल के अक्षत कुमार बारिकी पौराणिक और लोक कथाओं पर आधारित पट्टचित्र चित्रकला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, छत्तीसगढ़ के हर्ष राज बारेठ कोसा सिल्क और उसकी पारंपरिक बुनाई से बने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।
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कारीगरों को बाजार से जोड़ने पर जोर
आयोजकों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत डिजाइन और तकनीक में बदलाव से पारंपरिक उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में पहुंच बढ़ी है। क्राफ्टरूट्स के माध्यम से शिल्पकारों को कच्चे माल, आधुनिक बाजार और सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और कारीगरों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिल रही है।
प्रदर्शनी एक नजर में
- स्थान: कन्वेंशन सेंटर, चुन्नीगंज, कानपुर
- तारीख: 23 से 27 अक्टूबर 2026
- समय: सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक
