विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कानपुर में सिपाही प्रांशु सचान की मौत पर छलका पिता का दर्द, बोले- एंबुलेंस जाम में ना फंसती तो बच जाता बेटा

Published: Thu, 05 Nov 2026 07:57 PM (IST)

फतेहपुर में सड़क हादसे में घायल सिपाही प्रांशु सचान की मौत हो गई।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि टाटमिल चौराहे पर एंबुलेंस एक घंटे तक जाम में फंसी रही, जिससे अस्पताल पहुंचने में देरी हुई और उनकी जान चली गई।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि टाटमिल चौराहे पर एंबुलेंस एक घंटे तक जाम में फंसी रही, जिससे अस्पताल पहुंचने में देरी हुई और उनकी जान चली गई।

जागरण संवाददाता, कानपुर। फतेहपुर में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल सिपाही प्रांशु सचान की मौत के बाद उनके परिजनों ने एंबुलेंस के जाम में फंसने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि टाटमिल चौराहे पर एंबुलेंस करीब एक घंटे तक जाम में फंसी रही, जिसके कारण एलएलआर हैलट अस्पताल पहुंचने में लगभग 2 घंटे लग गए।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रांशु को मृत घोषित कर दिया। घायल बेटे की जान बचाने के लिए पिता प्रमोद सचान राहगीरों और यातायात पुलिसकर्मियों से रास्ता दिलाने की गुहार लगाते रहे। हालांकि, वाहनों की लंबी कतारों के कारण एंबुलेंस समय पर नहीं निकल सकी। घाटमपुर के मोतीपुर गांव निवासी वर्ष 2025 बैच के 22 वर्षीय सिपाही प्रांशु अंबेडकरनगर जिले की टांडा कोतवाली में तैनात थे। पिता के मुताबिक, मंगलवार को प्रांशु अंबेडकरनगर से कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर और रायबरेली में समन तामील कराने निकले थे।

रसूलाबाद और बिधनू में समन तामील कराने के बाद उन्हें फतेहपुर जाना था। रास्ते में पिता मिले, तो वह उन्हें भी बाइक पर बैठाकर साथ ले गए। फतेहपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में बक्सर मोड़ के पास पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही पिता-पुत्र सड़क पर दूर जा गिरे। पीछे बैठे प्रांशु डंपर के पहिये के नीचे आ गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए; जबकि पिता को मामूली चोटें आईं।

हादसे के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची यूपी-112 और कल्याणपुर थाने की पुलिस दोनों को स्थानीय सीएचसी ले गई, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए प्रांशु को एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया गया। पिता के अनुसार, एंबुलेंस में प्रांशु के शरीर से लगातार खून बह रहा था, जिसे वह गमछे और हाथों से रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन जाम के कारण अस्पताल पहुंचने में अत्यधिक देरी हो गई।

गुरुवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद सिपाही का पार्थिव शरीर मोतीपुर गांव लाया गया, जहां पुलिस विभाग की ओर से उन्हें अंतिम सलामी दी गई। उधर, आरोपों पर एडीसीपी यातायात पूनम सिरोही का कहना है कि टाटमिल पर जाम में फंसने से सिपाही की मौत नहीं हुई है। डीसीपी यातायात ने मामले की जांच कराई है और एंबुलेंस चालक के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।