कानपुर, जागरण संवाददाता। अपराधी कितना भी शातिर हो अपने पीछे वह सबूत छोड़ ही जाता है। मासूम हत्याकांड में भी यही हुआ। आरोपितों को भनक तक नहीं थी कि वह कदम-कदम पर सबूत छोड़ रहे हैं। यही वजह रही कि सूचना मिलने के चंद घंटों में ही पुलिस ने आरोपितों को धर दबोचा।

इलाके के एक अन्य बच्चे ने बताया कि घर से कुछ दूर स्थित मक्कू शाह का भट्टा में साइकिल का सर्कस लगा था, जिसे देखने के लिए वह मृतक के साथ गया था। वहां से लौटते वक्त आरोपित अमित और बब्लू उर्फ तेज कुमार ने उन दोनों को रोक लिया। 

इस दौरान आरोपित उन दोनों को चाकलेट दिलाने की बात कहकर साथ चलने के लिए कहने लगे। वह घर जाने में देर होने की बात कहकर वहां से चला गया, जबकि आरोपित दूसरे बच्चे को स्कूटी में बैठाकर ले गए। इस सूचना के बाद पुलिस ने आरोपितों द्वारा की गई काल के लिए प्रयोग हुए मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया तो आरोपितों की लोकेशन मिल गई। रही सही कसर उस सीसीटीवी फुटेज ने पूरी कर दी, जिसमें आरोपित बच्चे को स्कूटी से ले जाते हुए कैद हुए थे। एसीपी ने बताया कि पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्कूटी यूपी 78 जीएस 7452 को जंगल से बरामद कर कब्जे में ले लिया है। घटना में प्रयुक्त मोबाइल को भी अभियुक्तों ने जंगल फेंका है, जिसकी तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

- अमित मिश्रा, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरोल थाना सरपतहा जिला जौनपुर 

- बब्लू उर्फ तेज कुमार, उम्र 28 वर्ष 

- आमिल, उम्र 50 वर्ष 

- समीर, उम्र 42 वर्ष 

पूछताछ में आई यह बात सामने

पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि अमित मिश्रा पीड़ित परिवार के घर के पास किराये पर रहता है। अमित अपने पड़ोसी बब्लू उर्फ तेज कुमार के साथ लाल रंग की स्कूटी पर बच्चे को बैठाकर ले गया था। आमिल और समीर को बाद में घटनास्थल पर बुलाया गया। उन्होंने बताया कि गरीबी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया और पहचाने जाने के डर से बच्चे को मार डाला। हालांकि, दावा यह भी है कि आरोपित नशे के लती हैं और नशे के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए उन्होंने अपहरण की घटना को अंजाम दिया। अपहरणकर्ताओं ने बताया कि पीड़ित पिता फिरौती की रकम नहीं दे सकता था, लेकिन बच्चे के ताऊ के पास पैसे थे। इसीलिए उन्होंने उसे ही फोन किया। 

बवाल की आशंका पर पुलिस बल तैनात

घटना को लेकर बवाल होने की आशंका पर इलाके में थाने के पुलिस के साथ रिजर्व पुलिस बल भी तैनात रहा। दरअसल मासूम की हत्या करने वाले आरोपित उसी इलाके के ही हैं। इसलिए पुलिस को आशंका थी कि इलाके में कोई बवाल न हो जाए। जिसको देखते हुए पुलिस ने पीड़ित परिवार के घर के पास स्थानीय पुलिस और रिजर्व पुलिस बल को तैनात किया।

कानपुर से प्रयागराज तक शव की तलाश में जुटी पुलिस

एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि गोताखोरों की मदद से घाटों पर मासूम के शव की तलाश की जा रही है। वहीं, जल पुलिस की मदद से स्टीमर के जरिए महाराजपुर तक तलाश की जा रही है। गंगा के बहाव को देखते हुए फतेहपुर पुलिस और प्रयागराज पुलिस से भी संपर्क किया गया है। जिससे किसी भी हाल में मासूम के शव को बरामद किया जा सके।

आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में लगीं तीन टीमें

एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य एकत्रित करने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। जिसमें से एक टीम घाटों पर बच्चे के शव की तलाश कर रही है। दूसरी टीम स्टीमर के जरिए नदी में शव की तलाश कर रही है। जबकि तीसरी टीम उस मोबाइल की तलाश कर रही है, जिसे फिरौती के लिए काल करने के बाद आरोपितों ने जंगल में फेंक दिया था।

Edited By: Abhishek Verma

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