विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

48 घंटे के अंदर कानपुर के इंजीनियर को रूस पुलिस ने छोड़ा, पत्नी के वीडियो के बाद भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद रिहाई

Published: Mon, 07 Sep 2026 01:58 PM (IST)Updated: Mon, 07 Sep 2026 11:47 PM (IST)

रूस की राजधानी मॉस्को में कानपुर के चंदन गुप्ता को हिरासत में लिया गया था। पत्नी स्नेहा गुप्ता को आशंका ...और पढ़ें

HighLights

  1. कानपुर के चंदन गुप्ता मॉस्को में पुलिस हिरासत में लिया था

  2. पत्नी स्नेहा को जबरन रूसी सेना में भर्ती की आशंका के बाद वीडियो किया वायरल

  3. भारत सरकार से सुरक्षित वापसी के लिए मदद की गुहार के बाद लौटे चंदन

जागरण संवाददाता, कानपुर। सर्विस वीजा पर तीन साल से मास्को में तैनात कानपुर के मूल निवासी इंजीनियर चंदन गुप्ता को वहां की पुलिस ने शनिवार आधी रात हिरासत में ले लिया। उन पर सेना में भर्ती होने का दबाव डाला गया। इस बीच उनकी पत्नी स्नेहा ने इंटरनेट मीडिया के जरिये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई।

भारतीय दूतावास सक्रिय हुआ और उन्हें राजनयिक पहुंच (कांसुलर एक्सेस) उपलब्ध कराने की भी मांग की। चंदन की कंपनी के अधिकारी भी पुलिस के पास पहुंचे। इस बीच सोमवार को इंजीनियर को छोड़ दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। कानपुर के यशोदानगर में रह रहे उनके पिता महेश गुप्ता ने बताया कि बेटा अपने परिवार के पास पहुंच गया है।

प्रेट्र के अनुसार, इंजीनियर की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने छह सितंबर को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर बताया कि वह अपने इंजीनियर पति चंदन गुप्ता के साथ मास्को में रहती हैं। उनके पति नोएडा सेक्टर 62 स्थित यूफ्लैक्स कंपनी की ओर से जारी ‘हाइ स्क्लिड’ सर्विस वीजा पर मास्को आए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि रूस की पुलिस ने बिना किसी गलती के रात करीब 12:30 बजे उनके पति को हिरासत में ले लिया। उन पर रूसी सेना में शामिल होने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उनका कहना है कि रूसी सेना में सैनिकों की कमी के कारण विदेशी नागरिकों को भर्ती करने की कोशिशें की जा रही हैं।

स्नेहा अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर खुद को वकील बताती हैं। वह वीडियो में कह रही हैं कि उनका 10 साल का बेटा है और वह परेशान हैं क्योंकि उन्हें स्थानीय भाषा नहीं आती। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इस स्थिति से कैसे निपटें।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार से अपील की कि वे दखल देकर उनके पति की रिहाई और सुरक्षित वापसी में मदद करें। रूस में भारतीय दूतावास ने छह सितंबर को कहा कि वह इस मामले को लेकर स्नेहा और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।

दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, हमने भारतीय नागरिक का अपने पति के बारे में इंटरनेट मीडिया पोस्ट देखा है। हम उनसे और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत अपने नागरिकों को रूसी सेना से मुक्त कराने और वापस लाने की लगातार कोशिश कर रहा है। पिछले सप्ताह भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूसी सेना में 227 भारतीयों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 139 को मुक्त कर दिया गया और 51 लोगों की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि भारत बाकी बचे भारतीयों को जल्द मुक्त कराने और वापस लाने के लिए रूस के साथ बातचीत कर रहा है।

यह भी पढ़ें- कानपुर कारोबारी हत्याकांड: CCTV की निगरानी में कैद थी बहू, मनपसंद कपड़ों तक पर रोक... सुपारी देकर नौकर से ससुर को मरवा डाला