कानपुर कारोबारी हत्याकांड: बेटा सुब्रत भी हो सकता है गिरफ्तार, पत्नी और नौकर विशाल से कराया जाएगा सामना
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस शालू और विशाल के रिमांड का इंतजार कर रही है, जबकि राजदार सुब्रत पर भी शिकंजा कस सकता है।
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कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, कानपुर। दवा कारोबारी हत्याकांड के राजदार पर जल्द पुलिस का शिकंजा कस सकता है। वहीं, मूलरूप से लखनऊ के ठाकुरगंज की साजिशकर्ता बहू शालू और हत्यारोपित विशाल के पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने का इंतजार है।
रिमांड में एक दूसरे का सभी से सामना कराकर कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर), सीसी कैमरे और बयानों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस रतन आर्बिट अपार्टमेंट के सीसी कैमरे खंगालकर आरोपितों के फ्लैट में घुसने और निकलने का समय व कहां-कहां वे लोग घूमे आदि की जांच फिर से कर रही है।
कारोबारी के बेटे पर भी पुलिस कस सकती है शिकंजा
इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट अपार्टमेंट निवासी दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में कल्याणपुर थाना पुलिस ने साजिशकर्ता बहू शालू, हत्यारोपित विशाल उर्फ शुभम उर्फ शिवम गौतम, साथी राजकिशोर को जेल भेजा था, लेकिन पुलिस इस हत्याकांड का राजदार शालू के पति सुब्रत को भी मान रही। उसे थाने बुलाकर कई घंटे पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया है।
इस दौरान वह हर बात यही कहता रहा कि वह घटना में शामिल नहीं था। वहीं, पुलिस की जांच में सामने आया कि विशाल ने हत्या से दो दिन पहले नया सिमकार्ड खरीदा था, जिससे हत्या के बाद अगली सुबह तक चालू रखा। इसके बाद पुराना नंबर चालू कर लिया।

नौकर विशाल ने सुब्रत को 6 बार की थी कॉल
पुलिस ने जब शालू, सुब्रत विशाल के मोबाइल फोन की सीडीआर निकलवाई तो एक हजार पेज की डिटेल निकली। इसमें नए सिम से सुबह को विशाल ने सुब्रत को छह बार और शालू को सात बार कॉल की थी।

वहीं, विशाल व राजकिशोर घटना को अंजाम देने के लिए रतन आर्बिट अपार्टमेंट में साथ गए थे, पर उस समय भी 10:29 से 10:37 तक दोनों ने आपस में तीन बार कॉल की थी। जब दोनों एक साथ थे तो तीन बार उस समय आपस में क्यों कॉल की, इसको लेकर पुलिस दोबारा वहां के कैमरे जांच रही है।
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आरोपितों का पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने के बाद कई काफी साक्ष्य मिल सकते हैं। इस घटना में कारोबारी के बेटे पर शक की सुई शुरू से है। इसलिए उससे कई बार पूछताछ की जा चुकी है। रिमांड मिलने के बाद इस घटना में नया मोड़ आ सकता है।
- रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त
