Kanpur Businessman Murder Case: बेटे सुब्रत की चुप्पी से पुलिस लाचार, सिर्फ बहू शालू और दो नौकर पर ही कानूनी फंदा
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू शालू और दो हत्यारोपित जेल भेजे गए हैं, लेकिन बेटे सुब्रत ...और पढ़ें
-1789142851160_m.webp)
सुब्रत और शालू।
HighLights
साजिशकर्ता के भाई-बहन पुलिस आयुक्त और डीसीपी पश्विम से मिले, बोले- बहन निर्दोष, पुलिस पर है भरोसा
20 दिन में रची गई हत्या की साजिश, नौकर को बनाया गया मोहरा, कहा-पकड़े जाओ तो पति का नाम लेना
छह लाख रुपये में दी गई हत्या की सुपारी, बहू ने ही गुमटी से फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवा नौकर को दी थी
जागरण संवाददाता, कानपुर। इंदिरा नगर के आर्बिट अपार्टमेंट में पांच सितंबर की रात दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने भले ही साजिशकर्ता बहू शालू और दो हत्यारोपित विशाल गौतम और साथी राजकिशोर को जेल भेज दिया। आरोपितों और संदिग्ध शालू के पति के मोबाइल फोन फोरेंसिक लैब भी भेजे गए हैं।
पुलिस ने जांच में सिक्योरिटी गार्डों के इंचार्ज और आरोपित के बयान व सीसी कैमरों व काल डिटेल को आधार बनाया है, लेकिन जिस हत्याकांड के लिए 20 दिन तक साजिश रची गई। पूर्व नौकर को मोहरा बनाकर छह लाख रुपये में हत्या के लिए सुपारी दी गई। बहू शालू ने डुप्लीकेट चाबी बनाकर नौकर को दी।
साजिश रचने के दौरान जब-जब हत्या की योजना बनाई गई। शालू के साथ हर पल उसका पति सुब्रत राजदार बन साथ रहा, लेकिन उसकी चुप्पी से पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है, जबकि हत्या के बाद पुलिस ने जब सीसी कैमरों की फुटेज में दोनों हत्यारोपितों को फ्लैट से निकले देखा तो सुब्रत से उनके बारे में जानकारी की, लेकिन पूर्व नौकर होने के बावजूद उसने पहचाने से इन्कार कर दिया था। तब से ही पुलिस को उस पर शक हो गया था।
वहीं, जिस रात कारोबारी की हत्या की गई। उस समय शालू और सुब्रत तिलक नगर के कास्मोजिन लाउंस में किटी पार्टी में जमकर नाचे थे, जिसका वीडियो भी प्रचलित हुआ है। वहीं, शुक्रवार को शालू के भाई धीरज व बहन सोनिया पुलिस आयुक्त और डीसीपी पश्चिम से मिले। कहाकि बहन निरदोर्ष है। पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा है। बस निष्पक्ष जांच कराइएगा। वहीं, पुलिस अब तीनों आरोपितों के जेल में बयान लेने की तैयारी कर रही है।
रतन आर्बिट अपार्टमेंट के भूतल के फ्लैट में रहने वाले दवा कारोबारी 63 वर्षीय विनीत मिनोचा की बिरहाना रोड में दुकान थी। शनिवार रात 9:38 बजे उनका बेटा सुब्रत और बहू शालू, छह वर्षीय पौत्र श्रीजय के साथ तिलक नगर स्थित कास्मोजिन लाउंज में आयोजित कपल पार्टी में शामिल होने गए थे, जिसके आयोजक खुद सुब्रत व शालू ही थे।
-1789142909552.webp)
पार्टी मे 33 लोगों के शामिल होने की जानकारी हुई। उस समय विनीत घर पर नहीं थे। रात 10:58 बजे वह घर लौटे। इसके बाद ही उनकी सुब्रत के बेडरूम में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। सुबह करीब चार बजे बेटा-बहू घर लौटे तो घटना पता चली। कल्याणपुर थाना पुलिस की जांच में सीसी कैमरों में दो युवकों के फ्लैट में आने से लेकर जाने तक दिखे।
शालू ने फुटेज में दिखे एक युवक को पूर्व नौकर विशाल गौतम बताया। इसके बाद अपार्टमेंट के गार्ड से पूछताछ में और सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने उसी शाम दोनों विशाल और उसके साथी राजकिशोर को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। विशाल ने जब बताया कि उसने शालू के कहने पर हत्या कराई तो नया राजफाश हुआ और पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर शालू को भी गिरफ्तार कर दोनों के साथ ही उसे भी जेल भेजा।
मामले में डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि अब तक की जांच में ये पता चला है कि सुब्रत परिवार के इकलौते बेटे हैं, लेकिन ससुर उन्हें अन्य कर्मचारियों की तरह 35 हजार रुपये वेतन देते थे, जबकि शालू को 10 हजार रुपये घर खर्च के मिलते थे, जिसका एक-एक रुपये का हिसाब हर दिन देना होता था। वह अपनी पसंद के कपड़े तक नहीं पहन पाती थी। ससुर ने घर पर सीसी कैमरे लगवा रखे थे, जिससे उनकी गोपनीयता खत्म हो गई थी। अपने ही घर में स्वतंत्रता छिनी हुई थी।
कैमरों का एक्सेस ससुर के मोबाइल फोन पर ही था। हालांकि शालू ने ससुर को अच्छा बताया था। उसने घटना स्वीकार नहीं की। वहीं, गुरुवार को शालू के भाई लखनऊ के ठाकुर गंज निवासी बेकरी कारोबारी धीरज अरोड़ा व बड़ी बहन सोनिया ने कचहरी में अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित के चेंबर में मीडिया को बताया कि शालू ने कोई हत्या की साजिश नहीं रची है। इस सिक्के का पहलू कोई और है। इत्तेफाक से उस रात किटी पार्टी की आयोजक बहन-बहनोई थे। वह दो बार बहन से जेल में मिले।
उसने बच्चे और पति सुब्रत के बारे में पूछा, लेकिन सुब्रत एक बार भी उससे मिलने नहीं आया। उसने संपर्क भी नहीं किया। वहीं, इंटरनेट पर एक वीडियो प्रचलित हुआ, जिसमें सुब्रत के बेटे श्रीजय के जन्मदिन पर बेड पर केक रखा था। श्रीजय बाबा विनीत मिनोचा के पैरों से लिपट जाता है। इसके बाद दो कमरे के अंदर उसे उपहार में स्पोर्टस कार दिखती है तो वह खुश हो जाता है। ये वीडियो ये लोग ये मान रहे हैं कि विनीत मिनोचा जब पौत्र को इतना चाहते थे तो वह रुपये खर्च में हिसाब नहीं कर सकते थे।
बहू खुश और बेटा घबराया दिखा
वारदात वाली रात कास्मोजिन में किटी पार्टी में शामिल शालू-सुब्रत के वीडियो प्रचलित हुए थे, जिसमें एक गाना तुम तो धोखेबाज हो, वादा कर भूल जाते गाने पर शालू सुब्रत का हाथ पकड़कर नांचते हुए दिखी, लेकिन उस समय सुब्रत घबराया हुआ दिख रहा था। शालू के कान में सुब्रत कुछ कहते दिखाई दे रहा था। माना जा रहा है कि जब हत्या होने की खबर मिली तो उसने शालू के कान ये बात बता दी। हालांकि इसके बाद बाद वह घबराया दिख रहा था।
हत्या के ये कारण पुलिस के सामने आए
आर्थिक और मानसिक पाबंदियां: पुलिस के अनुसार, कारोबारी विनीत मिनोचा करोड़पति थे, लेकिन उन्होंने अपने इकलौते बेटे सुब्रत को मात्र 35 हजार रुपये प्रति माह वेतन पर एक सामान्य कर्मचारी की तरह रखा था।
अनुशासन और हिसाब-किताब में सख्ती: शालू को घर खर्च के लिए सिर्फ 10 हजार रुपये मिलते थे और ससुर हर दिन एक-एक रुपये का हिसाब डायरी में लिखवाते थे। बहू को अपनी पसंद के कपड़े पहनने की भी स्वतंत्रता नहीं थी।
सीसी कैमरों से निगरानी: ससुर ने फ्लैट के अंदर सीसी कैमरे लगवा रखे थे, जिसका लाइव एक्सेस उनके ही मोबाइल पर था। शालू को लगता था कि ससुर उस पर नजर रख गोपनीयता खत्म कर रहे हैं।
परिस्थितयों के अनुसार बदलती रही हत्या की योजना
- हादसे की योजना: शालू ने सबसे पहले ससुर को किसी ट्रक या बड़े वाहन से कुचलवाकर सड़क हादसे में मारने की योजना थी, लेकिन चालक के पकड़े जाने पर नौकर व उसका नाम आने पर योजना बदली।
- हार्ट अटैक दर्शाना: इसके बाद दूसरी योजना ये थी कि शनिवार रात शालू व सुब्रत और बेटे के साथी पार्टी में जाएंगे। इसी दौरान विशाल और उसका साथी फ्लैट में पहले से छिप जाएंगे। ससुर जब सो जाएंगे तो तकिए से उनका मुंह-नाक दबाकर हत्या कर हार्ट अटैक दर्शा दिया जाएगा।
- जन्माष्टी की रात हत्या करना तय किया, विशाल और उसके साथी को दवा लेकर आने के बहाने बुलाया, पर मौका न मिलने पर दोनों लौट गए थे।
- अंतिम योजना चाकू से की हत्या: शनिवार रात जब ससुर विनीत मिनोचा घर लौटे, तो वे अपने कमरे में सोने जाने की बजाय बेटे सुब्रत के बेडरूम में चले गए, जहां दोनों छिपे थे। लाइट जलाते ही ससुर ने दोनों को पहचान लिया। शोर मचने के डर से दोनों बदमाशों ने योजना बदलकर उनकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
हत्या की सुनियोजित साजिश
- शालू ने पति सुब्रत के साथ मिलकर 20 दिन पहले हत्या की साजिश रची।
- दुकान के पूर्व नौकर विशाल को हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी दी गई, जिसमें दो लाख घटना के अगले दिन और बाकी के रुपये 15 दिन बाद देना तय किया।
- हत्या से 15 दिन पहले शालू पति, बेटे व विशाल के साथ खरीदारी करने गई, जहां गुमटी नंबर-पांच में फ्लैट के मुख्य दरवाजे की डुप्लीकेट चाबी बनवाकर विशाल को थी।
- हत्याकांड की रात शालू ने अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्डों के इंचार्ज मदन सिंह से विशाल का नाम शुभम बताते हुए कहा था कि वह आएगा, उसे अंदर आने देना और आगंतुक रजिस्टर में उसकी इंट्री न करना।
दवा कारोबारी हत्याकांड में हर पहलुओं पर जांच की जा रही है। जो आरोपित थे। उन्हें जेल भेजा गया है। शालू के पति की संलिप्तता की जांच चल रही है। आरोपित और सुब्रत के मोबाइल फोन फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम
यह भी पढ़ें- कानपुर कारोबारी हत्याकांड में एक और राजफाश, सबसे पहले विनीत मिनोचा को सड़क हादसे में मारने की थी साजिश
यह भी पढ़ें- कानपुर के करोड़पति विनीत मिनोचा हत्याकांड: बहू, बेटा, नौकर और 15 चाकू के वार... होश उड़ाने वाली साजिश की 5 बड़ी बातें
