Bidhnu Bus Accident: छोटे भाई से बोली थी जल्दी आऊंगी, कुछ घंटों में आई मौत की खबर
कानपुर के बिधनू में हाईवे पर गड्ढा बचाने के चक्कर में एक डंपर ने स्कूल बस को टक्कर मार दी, ...और पढ़ें

ऐश्वर्या की फाइल फोटो। स्वजन
संवाद सहयोगी, बिधनू(कानपुर)। बिधनू में शुक्रवार सुबह हाईवे का डेढ़ फीट गहरा गड्ढा बचाने के चक्कर में अनियंत्रित डंपर सामने से आ रही स्कूल बस के दाहिने हिस्से को रगड़ता हुआ निकल गया। बस में खिड़की के शीशा खोलकर बैठीं विज्ञान शिक्षिका की मौत हो गई, वहीं 15 छात्र, शिक्षक-शिक्षका घायल हो गए। हादसे में जान गवाने वाली विज्ञान शिक्षिका ऐश्वर्या चार भाई बहनों में सबसे बड़ी थी।
परिवार में दो छोटे भाई अमन और वैभव तथा छोटी बहन आकाशी हैं। तीनों अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता पवन श्रीवास्तव घर पर रहते हैं। जबकि मां गीता गृहिणी हैं। छोटे भाई अमन ने बताया कि शुक्रवार सुबह दीदी ने जल्दी लौटने की बात कही थी। उसने बताया था कि गांधी जयंती के कार्यक्रम की वजह से स्कूल में पढ़ाई नहीं होगी। कार्यक्रम समाप्त होते ही वह घर के लिए निकल लेगी।
उसे क्या पता था कि कुछ ही घंटों बाद दीदी की मौत की खबर घर आ जायेगी। पिता पवन ने बताया कि ऐश्वर्या पिछले करीब पांच वर्षों से चीना पब्लिक स्कूल में विज्ञान पढ़ा रही थी। इससे पहले वह मूसानगर स्थित असेंट पब्लिक स्कूल में शिक्षिका थी। बच्चों को पढ़ाने के साथ वह घर की जिम्मेदारियों में भी सहयोग करती थी। छोटे भाई बहनों के भविष्य को लेकर वह हमेशा चिंतित रहती थी।
गांधी जयंती के मौके पर जा रहे थे स्कूल
घाटमपुर स्थित चीना पब्लिक स्कूल में आयोजित गांधी जयंती कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। बर्रा साचन चौराहा निवासी 45 वर्षीय व ऐश्वर्या श्रीवास्तव घाटमपुर स्थित चीना पब्लिक स्कूल में विज्ञान की शिक्षिका थी। शुक्रवार सुबह वह स्कूल में आयोजित गांधी जयंती कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रह थी। बस में छात्र- छात्राएं कनिष्क, मैत्री, सुहानी, कुशाग्र समेत 35 शिक्षक शिक्षिकाएं थी।
इस तरह हुआ हादसा
बर्रा निवासी स्कूल बस चालक अर्जुन ने बताया कि हरबसपुर पंचायत भवन के पास सामने से तेज रफ्तार डंपर को अनियंत्रित होते देख उसने बस को सड़क से नीचे उतारकर बचाने का प्रयास किया। इसके बाद भी डंपर बस की दाहिनी हिस्से को आगे से पीछे तक क्षतिग्रसत करता हुआ निकल गया। जिससे खिड़की की शीट पर शीशा खोले बैठी विज्ञान शिक्षिका ऐश्वर्या श्रीवास्तव सिर व चेहरे में कांच घुसने से गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं छात्र- छात्राएं कनिष्क, मैत्री, सुहानी और कुशाग्र भी मामूली रूप से चोटिल हो गए। साथ तौधकपुर निवासी 37 वर्षीय शिक्षिका अंजू और जूही निवासी 30 वर्षीय शिक्षक हिमांशू यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
मच गई थी चीख पुकार
हादसे के बाद चीखपुकार सुन स्थानीय लोगों ने सभी बस सवार छात्रों व शिक्षक- शिक्षिकाओं को बस से बाहर निकाला कर पुलिस की मदद से घायलों को सीएचसी बिधनू में भर्ती कराया। जहां डाक्टर ने शिक्षिका ऐश्वर्या को मृत घोषित कर दिया। शिक्षिका अंजू और हिमांशू यादव को डाक्टर ने एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया।
आंखों में घुस गए कांच के टुकड़े
वहीं छात्र रौनक वर्मा की आंख में कांच लगने से घायल हो गया था। जिसका उपचार कर स्वजनों के साथ घर भेज दिया। वहीं बस सवार शिक्षक शिक्षिकाएं अर्पित दीक्षित, दुर्गा चौहान, निखलेश्वर बाजपेई मामूली चोंट होने की वजह से स्वजन संग घर चले गए। हादसे के बाद भीड़ ने चालक को डंपर समेत पकड़ कर पुलिस को सौंप।
