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कानपुर में जुटे 200 ग्राम प्रधान, अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा, बोले-अभद्रता की तो देंगे सामूहिक इस्तीफा

Published: Sun, 23 Aug 2026 06:41 PM (GMT+05:30)

कानपुर में पांच ब्लॉकों के 200 प्रधानों ने अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार और विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप ...और पढ़ें

पतारा ब्लाक मुख्यालय में उपस्थित ग्राम प्रधान। जागरण

पतारा ब्लाक मुख्यालय में उपस्थित ग्राम प्रधान। जागरण

HighLights

  1. 200 प्रधानों ने अधिकारियों के अभद्र व्यवहार का विरोध किया

  2. विकास कार्यों में बाधा और भुगतान रोकने का आरोप लगाया

  3. समस्याएं न सुलझने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी

संवाद सहयोगी, घाटमपुर(कानपुर)। अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाकर रविवार को पांच विकासखंडों के करीब 200 प्रधानों ने पतारा ब्लाक मुख्यालय स्थित सभागार में बैठक की। कहा कि अधिकारियों के कथित तानाशाही व अभद्र रवैये से प्रधानों का उत्पीड़न हो रहा है।

चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया, विकास कार्यों के भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोग सामूहिक इस्तीफा देने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में पतारा, घाटमपुर, भीतरगांव, बिधनू और सरसौल विकासखंड के करीब 200 ग्राम प्रधान जुटे।

बैठक के दौरान कहा गया कि बीते दिनों अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान प्रधानों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे कि वे चोर हैं। एक प्रधान ने अधिकारी द्वार कथित रूप से अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला भी उठाया। अन्य प्रधानों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आरोप लगाया कि जब से ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है तब से विकास कार्यों को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है। पूर्व में कराए गए कार्यों के भुगतान को लंबित रखने तथा पुराने भुगतान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मार्च के बाद जिन कार्ययोजनाओं को समय से फीड किया जाना चाहिए था उनकी प्रक्रिया अगस्त तक भी लंबित रहना गंभीर विषय है। इससे गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रधानों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों एवं भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक अड़चन पैदा की जा रही है जोकि शासन की मंशा के विपरीत है।

बैठक में प्रधानों ने एकजुट होकर कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी से टकराव नहीं बल्कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को सुचारु रूप से संचालित कराना है। निर्णय लिया गया कि जिलाधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा लंबित भुगतान, अधिकारियों के व्यवहार से संबंधित मामलों के तत्काल समाधान की मांग की जाएगी।

बैठक में प्रधान अर्चना देवी, सुलेखा कुशवाहा शकुंतला सिंह, दीक्षा पटेल, दिव्या राजेश चौहान, रिंकल सचान, ध्रुव मोहन सिंह भदौरिया, शनि दिवाकर, शंकर दयाल, रानी देवी, शिवरती, जितेंद्र सचान, अरविंद कपाड़िया, विमल सचान, राजेश सिंह चौहान, राजेश कुमार, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।