इटावा, जेएनएन। कोरोना संक्रमित साथी को प्राइवेट रूम न दिए जाने से भड़के उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई जूनियर डॉक्टरों (जेआर) ने हड़ताल कर दी। इमरजेंसी ट्रामा सेंटर गेट के सामने धरने पर बैठे जेआर का कहना है कि पीपीई किट, ग्लब्स, फेस मास्क आदि संसाधन न मिलने स्वास्थ्य खतरे में है। उन्होंने  कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुधवार को जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा उस समय फूटा, जब उनके एक साथी चिकित्सक के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिली। जेआर ने उनके लिए प्राइवेट रूम खोलने को कहा तो विवि प्रशासन ने इससे इन्कार कर कहा कि खाली रूम सिर्फ वीआइपी लोगों के लिए हैं।

जूनियर डाक्टरों का कहना है कि 15 रूम खाली थे और दिन-रात मेहनत के बाद भी कोई सुविधाएं नहीं दी जा रही है।उनका कहना है कि पिछले 13 माह से कोविड ड्यूटी कर रहे हैं लेकिन इस महामारी से लडऩे के लिए विवि प्रशासन ने समुचित व्यवस्था नहीं की है। फेस मास्क, पीपीई किट और ग्लब्स तक की कमी बनी है। इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। मीङ्क्षटग में भरोसा देकर सिर्फ झूठा आश्वासन दिया जाता है। 

नर्सिंग एसोसिएशन ने दिया था 10 सूत्रीय ज्ञापन : मंगलवार को नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गोयल एवं जूनियर डॉक्टरों ने प्रशासनिक भवन घेरकर 24 घंटे में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कुलपति को संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन दिया था। हड़ताल पर जाने की चेतावनी पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेशचंद्र शर्मा ने 48 घंटे में मांगें पूरी कराने का आश्वासन दिया था। कुलसचिव का कहना है कि जूनियर डॉक्टरों को समझा-बुझाकर जल्द हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। शाम को कुलपति प्रो. राजकुमार ने भी समझाया।

ऑक्सीजन की कमी पर शिवपाल ने लिखा था सीएम को पत्र : पूर्व में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। उन्होंने विवि में ऑक्सीजन को आपूर्ति कराने व मूलभूत सुविधाएं दिलाने की मांग रखी थी।

 

Edited By: Akash Dwivedi