विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बरेली में डेलापीर चौक के पास बनेगा जटायु पार्क, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Published: Thu, 27 Aug 2026 03:12 PM (IST)

बरेली के डेलापीर चौक के पास दस हजार वर्गमीटर में जटायु पार्क बनेगा, जो मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा को ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. मातृशक्ति को समर्पित जटायु पार्क बरेली में बनेगा।

  2. नारी सम्मान, सुरक्षा व सशक्तिकरण का संदेश देगा पार्क।

  3. विशाल जटायु प्रतिमा और संकल्प प्रांगण होंगे मुख्य आकर्षण।

नीलेश प्रताप सिंह, बरेली। नाथनगरी में धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भगवान श्रीराम और शिव को समर्पित पार्क बनाने के बाद अब मातृशक्ति को समर्पित जटायु पार्क का निर्माण होगा। नाथ कारिडोर के तहत आदिनाथ (डेलापीर) चौक के पास दस हज़ार वर्गमीटर में जटायु के साहस, धैर्य और त्याग से प्रेरित उद्यान का विकास होगा। गुरुवार को बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर पार्क निर्माण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि, मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर यह पार्क तैयार होगा। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन शक्ति’ विजन को आगे बढ़ाने में भी अहम साबित होगा। जटायु ने माता सीता की रक्षा के लिए रावण से युद्ध करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनका यह त्याग नारी की गरिमा और रक्षा के लिए सर्वोच्च साहस का प्रतीक है।

इसी प्रेरणा को वर्तमान समाज से जोड़ते हुए ऐसी परिकल्पना की गई है, जहां सामान्य रूप से आने वाला व्यक्ति भी नारी सम्मान, सुरक्षा और मातृशक्ति के प्रति अपने दायित्व का संदेश सहज रूप से लेकर जाए। उद्यान में जटायु की वीरगाथा और नारी शक्ति के संदेश को आधुनिक सार्वजनिक स्थल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

रक्षाबंधन पर नारी सम्मान और सुरक्षा का संकल्प

बीडीए उपाध्यक्ष के अनुसार जटायु पार्क में संकल्प प्रांगण होगा, जहां नागरिक नारी के सम्मान, गरिमा और सुरक्षा की रक्षा का संकल्प ले सकेंगे। रक्षाबंधन के अवसर पर जटायु के बलिदान को नारी की रक्षा के सामाजिक दायित्व से जोड़ते हुए इस संदेश को व्यापक रूप से सामने लाया जाएगा।

स्वागत प्रांगण में जटायु की वीरगाथा और मातृशक्ति का परिचय मिलेगा, जबकि शक्ति पथ पर प्रेरक संदेशों, विचारों और कलात्मक स्थापनाओं के माध्यम से नारी शक्ति की प्रेरक यात्रा प्रस्तुत की जाएगी। शक्ति रंगमंच पर जागरूकता कार्यक्रम, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और संवाद आयोजित किए जा सकेंगे। वहीं वीरांगना चौक और वीरांगना उद्यान समाज एवं राष्ट्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को समर्पित होंगे।

विशाल जटायु प्रतिमा बनेगी मुख्य आकर्षण

उद्यान में विशाल जटायु प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतीकात्मक पंखों के साथ फव्वारे, जल तत्व और विशेष प्रकाश व्यवस्था इसे प्रभावशाली रूप देंगे। पूरा परिसर जटायु के साहस, त्याग और नारी रक्षा के संकल्प को अभिव्यक्त करेगा।

यह भी पढ़ें- बहराइच : जेलों में रक्षाबंधन की खास तैयारी, दो शिफ्टों में बहने बांधेंगी राखी, शाम को महिला बंदियों की बारी

पर्यटक, बच्चों के खेल एवं मनोरंजन क्षेत्र, भोजन प्रांगण और विश्राम की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे यह स्थान प्रेरणा के साथ मनोरंजन और पर्यटन का भी आकर्षक केंद्र बने।

नाथ कारिडोर की शक्ति अवधारणा से जुड़ेगा उद्यान

नाथ परंपरा में मां पार्वती शक्ति के स्वरूप के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इसी शक्ति भाव को जटायु के साहस और नारी रक्षा के संदेश से जोड़कर उद्यान को मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक बनाया जाएगा।

जटायु ने माता सीता की रक्षा के लिए अपने प्राण को बलिदान देकर नारी सम्मान और सुरक्षा का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री के मिशन शक्ति के विजन से प्रेरित होकर हमारा प्रयास है कि जटायु के साहस और त्याग को मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा के आधुनिक संदेश से जोड़ा जाए। रक्षाबंधन के अवसर पर यहां नारी सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेने की परंपरा विकसित की जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि यह ऐसा जीवंत प्रेरणा स्थल बने, जहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति सहज रूप से नारी सम्मान का संदेश लेकर जाए और नाथ नगरी बरेली की एक विशिष्ट पहचान बने। -सौम्या पांडेय, उपाध्यक्ष बीडीए