इनकम टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण में ई-फाइलिंग अनिवार्य, बिना डिजिटल प्रक्रिया के नहीं होगा रजिस्ट्रेशन
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) ने अब सभी नई अपीलों और संबंधित दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग (ई-फाइलिंग) अनिवार्य कर दी है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
आईटीएटी ने नई अपीलों के लिए ई-फाइलिंग अनिवार्य की है।
डिजिटल हस्ताक्षर के बिना कोई भी अपील स्वीकार नहीं होगी।
करदाताओं को तकनीकी औपचारिकताओं पर विशेष ध्यान देना होगा।
जागरण संवाददाता, कानपुर। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) की कार्यप्रणाली अब और अधिक हाई-टेक होने जा रही है। न्यायाधिकरण के समक्ष अब सभी नई अपील और संबंधित दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग (ई-फाइलिंग) अनिवार्य हो गई है। इस संदर्भ में प्राधिकरण की ओर से एक दिन पहले सूचना जारी की गई है।
आयकर विभाग के ट्रिब्यूनल में अब केवल कागजी तौर पर तैयार अपील स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि अपील निर्धारित ई-पोर्टल, तय प्रारूप और डिजिटल हस्ताक्षर के बिना जमा की गई, तो रजिस्ट्री उसका पंजीकरण नहीं करेगी।
नई व्यवस्था के तहत अपील का ज्ञापन (मेमोरेंडम आफ अपील) और सभी जरूरी कागजात डिजिटल हस्ताक्षर से सत्यापित होने चाहिए। अपील जिस दिन सफलतापूर्वक पोर्टल पर अपलोड होगी, वही उसकी प्रस्तुति की आधिकारिक तारीख मानी जाएगी। अपील दाखिल होते ही अपीलकर्ता को ईमेल पर प्राप्ति की सूचना दे दी जाएगी।
सीए नितिन सिंह ने बातया कि अधिसूचना के अनुसार नई अपीलों के मामले में आवेदन अब पोर्टल पर ही होंगे लेकिन एक अक्टूबर से पहले भौतिक रूप से दाखिल हो चुकी पुरानी अपीलों में पूरक दस्तावेज और पेपर बुक को पहले की तरह ही जमा कराया जा सकेगा।
सीए अखिलेश तिवारी ने बताया कि पोर्टल पर अपील डैशबोर्ड का उपयोग करने के लिए पैन व टैन, सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल अनिवार्य हैं। लॉगिन के लिए पासवर्ड के साथ ओटीपी भी आएगा।
करदाताओं और सलाहकारों को अब केवल कानूनी पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल हस्ताक्षर, वैध संपर्क विवरण और समय पर अपलोडिंग की तकनीकी औपचारिकताओं पर भी विशेष सतर्कता बरतनी होगी। अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना प्रक्रिया पूरी करना समझदारी होगी, ताकि तकनीकी कारणों से अपील खारिज होने से बची रहे।
