कानपुर, [श्रीनारायण मिश्र]। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) के अफसरों की एक छोटी सी चूक ने प्रदेश भर के कारोबारियों के माथे पर पसीना ला दिया। हुआ यह कि पहले उन्होंने एक ट्वीट कर सालाना जीएसटीआर दाखिल करने के लिए सात फरवरी तक की मोहलत दी, लेकिन अधिसूचना जारी की तो उसमें पांच फरवरी अंकित कर दिया। इस पर हो-हल्ला मचा तो मंगलवार शाम को दोबारा ट्वीट कर अफसरों ने भूल सुधार ली।

सात फरवरी तक बढ़ाई थी तिथि

जुलाई 2017 से मार्च 2018 तक के सालाना जीएसटीआर दाखिल करने के लिए पहले सीबीआइसी ने 31 जनवरी तक का समय दिया था। बाद में सीबीआइसी के अधिकृत ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर तिथि सात फरवरी तक बढऩे की जानकारी दी गई। इस ट्वीट के बाद कारोबारियों ने राहत महसूस की और पांच-छह फरवरी तक रिटर्न दाखिल करने की तैयारी कर ली। इसी बीच तीन फरवरी को जब सीबीआइसी ने अधिसूचना जारी की तो कारोबारियों के होश उड़ गए। इसमें पांच फरवरी ही रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बताई गई। कारोबारियों ने इस बात की शिकायत सीबीआइसी तक की, लगातार मिल रहे ट्वीट के बाद मंगलवार शाम सीबीआइसी ने दूसरा ट्वीट किया। इसमें कहा गया कि सात फरवरी ही जीएसटीआर की अंतिम तिथि है। इस आशय का पत्र भी जारी किया जा रहा है।

इनकी भी सुनिए

ट्वीट और नोटीफिकेशन की तारीख में फर्क से समस्या गहराई थी। यह अच्छा है कि समय पर भूल सुधार ली गई। हालांकि हम अंतिम तिथि 15 फरवरी किए जाने की मांग कर रहे हैं। -सुनील वैश्य, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आइआइए

यह गंभीर गलती हो गई थी। इससे कारोबारी बेहद परेशान थे, अच्छा है कि इसमें समय रहते सुधार कर लिया गया है।-अभिषेक पांडेय, सचिव, द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स

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