कानपुर, जेएनएन। 1220 प्रवासी कामगारों को गोधरा से लेकर स्पेशल ट्रेन मंगलवार की शाम कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आई। ट्रेन से उतरते ही प्रवासी कामगारों के मुर्झाए चेहरे पर चमक आ गई। सभी प्रवासी कामगार परिवार के सदस्यों का परीक्षण करने के बाद उन्हें रोडवेज बसों से उनके गृह नगर रवाना किया गया।

गोधरा (गुजरात) में फंसे 1220 लोगों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन (00985) मंगलवार दोपहर बाद 3:20 बजे सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर नौ पर पहुंची। रेलवे अफसरों ने यात्रियों को कोच से उतरते ही लंच पैकेट और पानी की बोतलें बांटी। शारीरिक दूरी को ध्यान में रखकर एक-एक कोच से यात्रियों को उतारा और सीढ़ियों से पैसेंजर हाल लाया गया। यहां आठ काउंटरों पर जिलावार सूची चस्पा थी। डॉक्टरों की टीम समय के देर से आने पर एक घंटे बाद परीक्षण शुरू हुआ।

शाम 6 बजे तक 24 कोच खाली हो सके। इसके बाद में आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कासगंज, बलिया, कानपुर देहात, अंबेडकर नगर, बदायूं, इटावा औरैया समेत 58 जिलों के लिए कामगारों को 46 परिवहन बसों से भेजा गया। स्टेशन निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय, एडीएम सिटी विवेक कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार शुक्ल, जीआरपी, आरपीएफ व थानों का फोर्स मौजूद रहा।

पांच सौ रुपये लगा किराया

यात्रियों ने बताया कि पांच सौ रुपये लेकर टिकट दिया गया। टिकट लेने और थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद ही ट्रेन में सफर कर सके। बताया कि तीन साल के बच्चे का भी पूरा टिकट लगा है। स्टेशन निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि 85 फीसद किराया रेलवे और 15 फीसद किराया राज्य सरकारों द्वारा वहन किया जा रहा है। अगर ट्रेन टिकट के रुपये लिए गए हैं तो गोधरा में मामले की जांच होनी चाहिए। रेलवे किसी से कोई किराया नहीं ले रहा है, प्रशासन के बताए आंकड़े के आधार पर टिकट मुहैया कराए जाते हैं।

ये ट्रेनें गुजरी सेंट्रल होकर

दूसरे राज्यों से फंसे लोगों को लेकर मंगलवार को कुतबाब-दानापुर, अकोला-लखनऊ, नडियार्ड-गोरखपुर, बड़ोदरा लखनऊ छह ट्रेनें सेंट्रल होकर गुजरीं। शाम 5.05 बजे स्पेशल ट्रेन (09089) में 12 सौ लंच पैकेट, पानी की बोतल और 6.48 बजे ट्रेन (09827) में 1248 लंच पैकेट व पानी की बोतल चढ़ाई गई।

Posted By: Abhishek Agnihotri

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