कानपुर, जागरण संवाददाता। दो माह पहले मगध एक्सप्रेस से 12 लाख रुपये के गहने पार करने वाले लुटेरे को पकड़ने बिहार गई कानपुर सेंट्रल के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) पर हमला हो गया। लुटेरे ने परिवार के साथ मिलकर टीम के अगुवाकार दारोगा को कमरे में बंद करके पीटा और उनपर जर्मन शेफर्ड कुत्ता छोड़कर कटवाया। 

घायल दारोगा अब्बास का बिहार की फुलवारी थाना पुलिस ने इलाज कराया। गुरुवार को स्थानीय पुलिस ने दबिश देकर आरोपित लुटेरे संजय अग्रवाल उर्फ संजय गुप्ता समेत तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया है। घायल दारोगा के बयान पर पुलिस टीम पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। लुटेरों को पकड़कर कानपुर लाया जा रहा है। 

जीआरपी इंसेक्टर आरके द्विवेदी ने बताया कि करीब दो माह पहले बिहार के भोजपुर निवासी व दिल्ली में एक बड़ी कंपनी में बतौर अधिकारी कार्यरत मुकेश कुमार पांडेय अपनी ससुराल आरा में शादी समारोह में शामिल होने पत्नी और बच्चों के साथ गए थे। परिवार के साथ मगध एक्सप्रेस से दिल्ली लौटते समय रास्ते में उनका सूटकेस गायब हो गया था, जिसमें करीब 12 लाख के गहने थे। उन्होंने कानपुर में जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

देश भर में ट्रेनों में लूट करने वाले श्रीवास्तव गैंग ने लूटे थे गहने

जीआरपी को जांच में पता चला कि सामान गायब करने वाले श्रीवास्तव गैंग के सदस्य ने इस वारदात को अंजाम दिया है। यह गैंग देश भर में घूम-घूम कर ट्रेनों में वारदातें करता है। जांच में यह बात सामने आई कि संजय अग्रवाल उर्फ संजय गुप्ता ने वारदात को अंजाम दिया था।

लुटेरे के घर वालों ने बंधक बनाकर की मारपीट

कानपुर जीआरपी  थाने की टीम दारोगा अब्बास की अगुवाई में बिहार के पटना जिले के फुलवारी शरीफ के गोपालनगर में रहने वाले लुटेरे को पकड़ने गई थी। बुधवार रात लुटेरे के घरवालों ने दारोगा अब्बास को बंधक बनाकर मारपीट की और जर्मन शेफर्ड कुत्ते से कटवाया।

घायल दारोगा अब्बास ने बताया कि कानपुर सेंट्रल जीआरपी थाना से आरोपित की गिरफ्तारी का वारंट लेकर वह पहुंचे थे। आरोपित संजय अग्रवाल उर्फ संजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया तभी घर में मौजूद आठ दस लोगों में उसकी पत्नी और बेटी-बेटा समेत अन्य ने हमला कर दिया। कमरा बंद कर उसे पीटना शुरू कर दिया और जर्मन शेफर्ड कुत्ता उसपर छोड़ दिया। सूचना के बाद वहां की पुलिस ने लुटेरे संजय अग्रवाल समेत तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है।

सीसीटीवी कैमरों से खुला राज, लुटेरे ने दिया था फर्जी पता

सीसीटीवी कैमरों में वारदात के साक्ष्य के रूप संजय का लूट करते फुटेज भी मिला। उसने वारदात को अंजाम देने के लिए एसीटू बोगी में भाई के पते पर टिकट बुक कराया था। आवेदन में अपना मोबाइल नंबर फर्जी दिया था।

इस वारदात में एक और व्यक्ति सुनील गुप्ता भी शामिल था, जो फुलवारी शरीफ की मिथिला कालोनी नासरीगंज का रहने वाला है। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर संजय का पता लिया। सुनील की गिरफ्तारी के बाद यह तय हो गया कि वारदात को संजय ने ही अंजाम दिया था।

Edited By: Abhishek Agnihotri