कानपुर, जेएनएन। ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों को कई तरह की समस्याएं आती हैं। इसे ध्यान में रखकर अब रेलवे अफसरों ने ट्रेनों के कंपार्टमेंट में जाकर यात्रियों का हालचाल लेने की शुरुआत की है। एसी कोच में तो सुविधाएं ठीक रहती हैं, लेकिन जनरल कोच में सीट, पानी, टायलेट में गंदगी जैसी कई समस्याएं होती हैं। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने खुद इसकी शुरुआत सारनाथ एक्सप्रेस में सफर के साथ की, जिसके बाद अब अधिकारी भी फीड बैक ले रहे हैं।

153 स्टेशन पर शुरू हुई कवायद : प्रयागराज मंडल में हाल्ट (छोटे स्टेशन) मिलाकर 153 रेलवे स्टेशन हैं। अधिकारी बताते हैं कि इन रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों से फीड बैक लिया जा रहा है।

महाप्रबंधक ने स्लीपर में किया सफर : उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने सारनाथ एक्सप्रेस के स्लीपर में यात्रियों के साथ बैठकर सफर किया। ट्रेन में सफाई के संबंध में 150 यात्रियों से फीड बैक लिया। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक एसपी वर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवम शर्मा और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विपिन कुमार ने भी स्लीपर कोच में यात्रा कर यात्रियों से गंदगी, पानी, सीट, रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं संबंधी बातचीत की।

डीआरएम और डिप्टी सीटीएम भी करेंगे सफर : ट्रेनों में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अब डीआरएम और डिप्टी सीटीएम (सहायक मंडल रेल प्रबंधक) स्तर के अधिकारी भी स्लीपर व एसी कोच में सफर कर यात्रा में आने वाली परेशानियों के बाबत यात्रियों से बात करेंगे।

-रेलवे यात्री सुविधाओं को दिन प्रतिदिन बेहतर करने में जुटा है। यात्रियों के साथ सफर का यह प्रयास व्यवस्था को और अच्छा बनाने के लिए है। सभी स्टेशनों पर यात्रियों से फीडबैक लिया जा रहा है। -अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे

Edited By: Abhishek Agnihotri