कानपुर, जागरण संवाददाता। Independence Day 2022 आजादी के अमृत महोत्सव और स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कानपुर तैराकी संघ से जुड़े तैराकों ने अनोखी तिरंगा यात्रा निकालकर राष्ट्रभक्ति का जज्बा दिखाया।

बाबा आनंदेश्वर घाट परमट से एक दर्जन से ज्यादा तैराकों ने हाथ में तिरंगा लेकर गंगा के रास्ते तैराकी करते हुए गुप्तार घाट तक का सफर तय किया। इस अनोखी तिरंगा यात्रा को देखने के लिए गंगा तट पर बड़ी संख्या में शहरवासी जुटे। तैराकों के इस अनोखे प्रयास का वीडियो सोशल मीडिया पर आजादी के अमृत महोत्सव थीम पर खूब वायरल हो रहा है।

कुछ दिन पहले गंगा में हाथ पैर बांधकर साहसिक तैराकी करके चर्चित हुए राष्ट्रीय तैराक रोहित निषाद ने इस बार आजादी के अमृत महोत्सव पर अपने अन्य तैराकी करने वाले साथियों के साथ स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व को यादगार बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि गंगा में तैराकी करते हुए राष्ट्र ध्वज लहराने की तैयारी उन्होंने अपने साथियों के साथ कई दिन पहले से ही शुरू कर दी थी।

इस यात्रा के जरिए शहर वासियों को गंगा की स्वच्छता और भारत की अखंडता का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गंगा में तैराकी करते हुए राष्ट्रध्वज को लहराना कठिन था परंतु कई दिनों के अभ्यास और डॉल्फिन विधा से तैराकी करने के कारण उन्होंने अपनी टोली के साथ इस कार्य में सफलता हासिल की।

कानपुर तैराकी संघ के सचिव और अंतरराष्ट्रीय मास्टर तैराक प्रकाश अवस्थी ने बताया कि वर्षों से गुप्तार घाट पर राष्ट्र ध्वज लहराने की परंपरा चली आ रही है। इस वर्ष तैराकों अनोखी यात्रा ने इस क्षण को गौरवशाली बना दिया।

रोहित के साथ इस अनोखी तिरंगा यात्रा में तैराक बृजेंद्र निषाद रविंद्र गौर मोहित निषाद केशव नारायण गुलाब कश्यप अंकित कृष्णा शिवा कुणाल अरुण और रवि कश्यप शामिल हुए। तैराकी के सबसे पुराने क्लब प्रेम क्लब द्वारा इस आयोजन को पूरा किया गया।

उफनती गंगा में 18 किलोमीटर तक तैराकी करके देशभर में हासिल की थी ख्याति : गुप्तार घाट पर रहने वाले राष्ट्रीय तैराक रोहित निषाद कुछ समय पहले अटल घाट से मैस्कर घाट लगभग 18 किलोमीटर तक साहसिक तरह की कर देशभर में चर्चित हुए थे। तैराकी के प्रति जुनून के ही चलते हुए कई बार राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल कर चुके हैं। रोहित तैराकी की फिन विधा के भी माहिर तैराक हैं।

अकेले 11 लोगों के जीवन को किया था इस तैराक में सुरक्षित : 26 जुलाई 2020 को रोहित ने अकेले ही गंगा नदी में नाव पलटने से डूब रहे 11 लोगों के जीवन को सुरक्षित किया। मैस्कर घाट पर हुई घटना में तैराक रोहित ने अकेले ही गंगा में डुबकी लगाकर डूब रहे 11 लोगों को एक दूसरे का हाथ पकड़कर चयन बनाई और उन्हें गंगा के किनारे लाकर उनके जीवन को सुरक्षित किया।

रोहित के इस प्रयास के कारण सभी की जान बच गई जिसके बाद मंडलायुक्त डॉ राजशेखर ने रोहित को जीवन रक्षक पदक से सम्मानित करने को कहा था। हालांकि रोहित को उस सम्मान का इंतजार आज भी है। 

Edited By: Abhishek Verma