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IIT JEE Topper: जुड़वा भाई का न छूटे साथ, टॉप-32 रैंकर ने IIT बांबे छोड़ कानपुर में लिया दाखिला

Published: Tue, 21 Jul 2026 07:41 PM (IST)

जेईई एडवांस्ड में 32वीं रैंक हासिल करने वाले महरूफ अहमद खान ने अपने जुड़वा भाई मसरूर के साथ रहने के ...और पढ़ें

महरूफ खान। इंटरनेट मीडिया

महरूफ खान। इंटरनेट मीडिया

HighLights

  1. महरूफ ने जुड़वा भाई के लिए आईआईटी कानपुर चुना।

  2. आईआईटी कानपुर को 7 साल बाद टॉप-32 रैंकर मिला।

  3. दोनों भाई कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में पढ़ेंगे साथ।

जागरण संवाददाता, कानपुर। जुड़वा भाई का साथ न छूटे, इसके लिए जेईई एडवांस्ड में आल इंडिया 32वीं रैंक हासिल करने वाले भुवनेश्वर के महरूफ अहमद खान ने अपनी पहली पसंद आइआइटी बांबे को छोड़कर आइआइटी कानपुर में प्रवेश लिया है। वह अपने जुड़वा भाई मसरूर अहमद खान के साथ ही अब यहां कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाई करेंगे, जिनकी आल इंडिया रैंक 169 है।

दोनों भाइयों के इस फैसले से आइआइटी का सात साल लंबा इंतजार भी खत्म हो गया। वर्ष 2019 के बाद संस्थान को जेईई एडवांस्ड के टाप-100 रैंकर्स में जगह बनाने वाला छात्र मिला है। तब आल इंडिया 95वीं रैंक वाले छात्र ने प्रवेश लिया था। यह स्थिति तब है जबकि आइआइटी ने ऐसे छात्रों को लाने के लिए ब्राइट माइंड्स स्कालरशिप भी शुरू की थी। इसके तहत छात्रों को फीस और हास्टल सुविधा के लिए हर साल तीन लाख रुपये दिए जाते थे।

जोसा (ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथारिटी) की पांचवें चरण की काउंसिलिंग के बाद अब टाप 32 रैंकर महरूफ ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली है। आइआइटी के डीन आफ स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. प्रतीक सेन ने कहा कि यह संस्थान के लिए काफी गर्व की बात है कि शीर्ष 32वीं पाने वाले छात्र ने प्रवेश लिया है। दोनों भाइयों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। वर्ष 2022 में शुरू की गई स्कालरशिप योजना में पिछले चार साल में एक भी छात्र नहीं आया इसलिए योजना को बंद कर दिया गया है।

पिछले वर्षों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की जेईई एडवांस्ड में शीर्ष रैंक 

वर्ष जेईई एडवांस्ड में सर्वश्रेष्ठ रैंक
2016 113
2017 107
2018 103
2019 95
2020 111
2021 115
2022 107
2023 124
2024 120
2025 147
2026 32