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बुंदेलखंड के किसानों को बड़ी राहत, दलहनी फसलों को फंगस और उकठा रोग से बचाएगा IIPR

Published: Wed, 16 Sep 2026 11:24 AM (IST)

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (IIPR) बुंदेलखंड सहित पूरे प्रदेश में दलहनी फसलों को फंगस और उकठा रोग से बचाने में मदद करेगा।

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HighLights

  1. IIPR बुंदेलखंड में दलहनी फसलों को फंगस से बचाएगा।

  2. ट्राइकोडर्मा और राइजोबियम से जैविक शोधन तकनीक सिखाई जाएगी।

  3. केंद्र सरकार ने ढाई करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया।

श्याम चंद्र सिंह, कानपुर। बुंदेलखंड समेत प्रदेश में दलहनी फसलों अरहर, मूंग, उड़द व चना में फंगस, फफूंद, जड़ गलने व उकठा रोग से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आइआइपीआर) मदद करेगा।

बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, झांसी, जालौन समेत सात जिलों में किसान दलहनी फसलों में उकठा रोग से अधिक परेशान हैं।

इन जिलों में सबसे अधिक दलहनी फसलें होती हैं, जिससे यहां की मिट्टी में लगातार उर्वरक डालने व दलहनी खेती से नाइट्रोजन समेत दूसरे केमिकल बढ़ने से फंगस बन चुका है, जो उकठा रोग का बड़ा कारण है। संस्थान अगले तीन साल में बुंदेलखंड की मिट्टी से इस फंगस को समाप्त कर देगा।

फंगस समेत दूसरे रोगों के कारण दलहनी फसलों के पौधे शुरुआती अवस्था में ही कमजोर होकर सूखने लगते हैं और उत्पादन प्रभावित होता है। किसानों की इस समस्या को लेकर आइआइपीआर ने ट्राइकोडर्मा का दलहनी फसल पर परीक्षण पूरा किया है। अब बड़ी मात्रा में उत्पादन शुरू किया है।

इसे किसानों तक पहुंचाकर इसके प्रयोग व बीजों के जैविक शोधन की तकनीक किसानों को सिखाई जाएगी। सभी जिलों में संस्थान के वैज्ञानिक व वहां के कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ मिलकर किसानों को ट्राइकोडर्मा संग राइजोबियम के प्रयोग की जानकारी देकर दलहनी फसलों में रोग नियंत्रण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने का काम किया जाएगा।

बुंदेलखंड समेत प्रदेश भर में हर साल उकठा रोग से लगभग 25 प्रतिशत दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचता है। संस्थान के निदेशक डॉ. जीपी दीक्षित ने बताया कि प्रत्येक वर्ष ट्राइकोडर्मा व राइजोबियम रसायन का प्रयोग फसल की बोआई से पहले किया जाएगा।

इससे मिट्टी में मौजूद हानिकारक फंगस के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी और फसल को रोगों से बचाया जा सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संस्थान को ढाई करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।

  • प्रदेश में प्रतिवर्ष दलहन उत्पादन : 30.8 लाख मिलियन टन
  • बुंदेलखंड में दलहन उत्पादन : 13.5 लाख मिलियन टन
  • प्रदेश में कुल उत्पादन में बुंदेलखंड का योगदान : 57 प्रतिशत

देश में दलहन उत्पादन के वर्षवार आंकड़े

वर्ष उत्पादन (लाख मिलियन टन में)
2021-22 273.02
2022-23 260.58
2023-24 242.26
2024-25 256.83
2025-26 274.09

(आंकड़े आइआइपीआर ने जारी किए हैं)

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