कानपुर देहात, जेएनएन। जहां एक ओर देश आज राष्ट्रीय बालिका दिवस मना रहा है वहीं, जिले के असालतगंज कस्बे के परिवार ने अपनी बेटी को हमेशा को हमेशा के लिए खो दिया। परिवार ने इस बात की कल्पना ही नहीं की थी कि उनकी बेटी कभी ऐसा आत्मघाती कदम भी उठा लेगी। दरअसल, सहपाठी के घर पारिवारिक भाई के जाने से आहत होकर हाईस्कूल की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। छात्रा ने जान देने से पहले अपनी कॉपी में सुसाइड नोट लिखा और सहपाठी के घर जाने को गलत बताया। यह सुसाइड नोट चचेरे भाई ने इंटरनेट पर वायरल कर दिया। इसके बाद स्वजनों ने पुलिस को जानकारी दी। 

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच 

पुलिस पारिवारिक भाई व सहपाठी से पूछताछ कर रही है। कस्बा निवासी दुकानदार की हाईस्कूल में पढऩे वाली 15 वर्षीय बेटी ने घर में शनिवार रात दुपट्टे के फंदे से फांसी लगाकर जान दे दी। शव के पास ही छात्रा की एक कॉपी पड़ी थी। स्वजन ने कॉपी में लिखे नोट को पढ़ा तो वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने देखा कि सुसाइड नोट में लिखा है- 'भाई, आपने मेरे सहपाठी के घर जाकर सही नहीं किया। इससे हमारा बहुत कुछ बिगड़ सकता है।' पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लिया है। इसके बाद पारिवारिक भाई व सहपाठी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिसमें वह कुछ खुलकर नहीं बता रहे। 

पुलिस का ये है मानना 

पुलिस के मुताबिक सहपाठी से दोस्ती पारिवारिक भाई को नागवार गुजरती थी इसके लिए उसने घर जाकर धमकाया था। इससे ही आहत होकर छात्रा ने जान दी। वहीं उसका सहपाठी कॉलेज के अलावा कोचिंग में भी साथ पढ़ता था और वह यहां मौसा के यहां रहकर पढ़ाई कर रहा था।  वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है एहतियातन स्लाइड बनाई गई है। थाना प्रभारी रसूलाबाद शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन सुसाइड नोट से लगता है कि सहपाठी के घर जाने से ही छात्रा नाराज थी। हैंडराइटिंग की विशेषज्ञ से जांच कराई जाएगी। 

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