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हर बुधवार हड़ताल पर हाई कोर्ट सख्त, कानपुर बार अध्यक्ष-महामंत्री तलब

Published: Wed, 14 Oct 2026 08:12 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हर बुधवार न्यायिक कार्य से विरत रहने के मामले में सख्त रुख अपनाया ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हाईकोर्ट ने न्यायिक कार्य से विरत रहने पर लिया संज्ञान।

  2. कानपुर बार अध्यक्ष-महामंत्री 16 अक्टूबर को लखनऊ खंडपीठ में पेश होंगे।

  3. अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग पर अड़े।

जागरण संवाददाता, कानपुर। हर बुधवार न्यायिक कार्य से विरत रहने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने कानपुर बार एसोसिएशन और दि लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महामंत्री को 16 अक्टूबर को तलब किया है। दोनों संस्थाओं के चारों पदाधिकारियों को न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रखने के संबंध में अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होना होगा।


10 और 11 सितंबर को बार और लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रदेश स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन में प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, वरिष्ठ अधिवक्ताओं को पेंशन देने, अधिवक्ताओं के मुकदमे गैर जनपद स्थानांतरित करने के आदेश वापस लेने तथा बार पदाधिकारियों से हड़ताल न करने की अंडरटेकिंग लेने के विरोध में कई प्रस्ताव पारित किए गए थे। साथ ही मांगें पूरी होने तक प्रत्येक बुधवार न्यायिक कार्य से विरत रहने और 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार का निर्णय लिया गया था।


इसके बाद जिला जज ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए बार और लायर्स एसोसिएशन को नोटिस जारी कर न्यायिक कार्य से विरत न रहने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद अधिवक्ताओं का सामूहिक अवकाश जारी रहा। इसी मामले में अब हाईकोर्ट ने दोनों संस्थाओं के अध्यक्ष और महामंत्रियों को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।

सामूहिक अवकाश पर रहे अधिवक्ता, आज होगी अधिवक्ताओं की संयुक्त आमसभा

पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहते हुए सामूहिक अवकाश पर रहे। इस दौरान अदालतो में कोई काम न होने से वादकारी वापस लौट गए। कानपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रदेश स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार अधिवक्ता प्रत्येक बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रह रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, वरिष्ठ अधिवक्ताओं को पेंशन, अधिवक्ताओं के मुकदमे गैर जनपद स्थानांतरित करने के आदेश वापस लेने तथा बार पदाधिकारियों से हड़ताल न करने की अंडरटेकिंग लेने के विरोध में यह आंदोलन चल रहा है।


उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से मिले कारण बताओ नोटिस के संबंध में अधिवक्ताओं की राय लेने के लिए आज दोपहर 2:30 बजे बार एसोसिएशन हाल में बार एसोसिएशन और दि लायर्स एसोसिएशन की संयुक्त आमसभा बुलाई गई है। आमसभा में आगे की रणनीति तय की जाएगी।