Kanpur News: खुशियां मातम में बदली... रिश्तेदार से दुधमुंहे बच्चे को गोद लेकर घर लौट रहा था परिवार, ट्रेन में थम गईं सांसें
हाथरस का एक परिवार बिहार से गोद लिए नवजात बेटे को लेकर ट्रेन से लौट रहा था, लेकिन फतेहपुर के ...और पढ़ें

ओम प्रकाश और उनका दामाद रचित। जागरण
HighLights
हाथरस परिवार ने बिहार से नवजात बेटे को गोद लिया
ट्रेन से लौटते समय फतेहपुर के पास बच्चे की तबीयत बिगड़ी
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित किया
जागरण संवाददाता, कानपुर। तीन बेटियों के बाद बेटे की चाह में हाथरस के एक किसान परिवार ने बिहार में रहने वाली रिश्तेदार महिला का दो दिन पहले जन्मा दुधमुंहा बेटा गोद लिया था। मासूम को गोद में लेकर पूरा परिवार बेहद खुश था और ट्रेन से वापस अपने घर हाथरस लौट रहा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। ट्रेन में मासूम की सांस थम गई।
तीन बेटियां होने पर बेटे की चाह में एक किसान परिवार ने बिहार की रिश्तेदार महिला के दो दिन पहले हुए दुधमुंहे बेटे को गोद ले लिया। बच्चे को अपने हाथ मे लेकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। परिवार बच्चे को लेकर ट्रेन से घर लौट रहा था, फतेहपुर के पास बच्चे की हालत बिगड़ी। कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पास डाक्टरो की टीम ने बच्चे की जांच की, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी।
हाथरस के सादाबाद के ग्राम जटोई निवासी किसान ओम प्रकाश ने बताया कि उनके बेटे राहुल की शादी 10 साल पहले हुई थी। बहू के तीन बेटियां हुईं। एक बेटी उन्होंने ढाई माह पहले भतीजी को गोद दे दिया। बेटे को चाह पूरे परिवार को थी। इसी बीच बिहार के कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र में रहने वाली भांजी राधा से जानकारी हुई कि उसकी जेठानी गुंजा के तीन बेटे हैं और अब वह गर्भवती है।
इस पर उन्होंने गुंजा और उसके ससुरालवालों से आग्रह किया कि अगर बेटा हो तो उन्हें दे दें। वह तैयार हो गई। गांव के एक क्लिनिक में शुक्रवार रात गुंजा ने एक बेटे को जन्म दिया। जानकारी होने पर ओम प्रकाश, उनकी पत्नी सुमन देवी, दामाद रचित शनिवार सुबह गांव पहुंचे और डाक्टर से बात कर बिना किसी लिखा पढ़ी के बच्चे को गोद लेकर जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन से लौटने लगे। रात में फतेहपुर के बच्चे की तबीयत बिगड़ी। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर टीटीई ने डाक्टर को बुलवाया। डाक्टरो की टीम ने जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया।
